हमेशा चर्चा में रहें वाली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में पकोड़े तलना छात्रों को भारी पड़ गया है जिसके चलते एमफिल के एक छात्र सहित चार पर बीस-बीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। प्रशासन ने चार स्टूडेंट के पकौड़े बेचने को अनुशासनहीनता मानते हुए सभी पर जुर्माना लगाया है और एमफिल छात्र को 10 दिन के अंदर हॉस्टल बदलने की भी सलाह दी है। दरअसल, फरवरी के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेरोजगार होने से अच्छा पकौड़ा बेचने वाले बयान का ये स्टूडेंट विरोध कर रहे थे। सेंटर फॉर इंडियन लैंग्वेजेज के छात्र मनीष कुमार मीणा ने कहा कि वो पीएम मोदी के पकौड़ा तलने वाले बयान से बेहद नाराज थे।

लिहाजा उसका विरोध करने के लिए पकौड़े तल रहे थे। एमफिल के छात्र मनीष कुमार मीणा राजस्थान के रहने वाले है। मामले में मनीष कुमार मीणा के खिलाफ जांच भी शुरू की गई है। इससे पहले विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता पकौड़े तलकर पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान का विरोध कर चुके हैं। बता दें कि यूनिवर्सिटी के आदेश में कहा गया है कि मनीष कुमार मीना पांच फरवरी को साबरमती बस स्टैंड के पास रोड ब्लॉक करने में शामिल थे। इसके बाद एक आदेश 9 फरवरी को जारी किया गया। इसमें कहा गया कि खाना बनाने के लिए मीना ने रोड ब्लॉक कर रखा था।

यूनिवर्सिटी के आदेश पर मीना ने अपना पक्ष रख कहा कि वह स्वीकार करते हैं कि उन्होंने रोड पर पकौड़े बनाए, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट रूप से इसका जिक्र नहीं किया कि दक्षिणपंथी दृष्टिकोण की वजह से मैंने पकौड़े बनाए। प्रशासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परेशान नहीं करना चाहता है। छात्र ने आगे कहा कि उन्हें प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है चूंकि उन्होंने किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है। ऐसे कदम छात्रों के लिए समस्या पैदा करने के लिए उठाए गए हैं। ताकि छात्र अपनी पढ़ाई और रिसर्च पूरी ना कर सकें।