नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में लीगल सेल के साथ बैठक की। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के संबंध में लीगल सेल की भूमिका पर चर्चा हुई। गोपाल राय ने लीगल सेल के पदाधिकारियों से बातचीत करते हुए बताया कि आजकल जिस तरह से भाजपा अलग-अलग तरह से आप के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अपनी कानूनी शक्तियों का दुरुपयोग करके परेशान करने का काम कर रही है, उसके लिए हमें भी कानून के दायरे में रहते हुए इन समस्याओं का समाधान खोजना पड़ेगा।

इस बात की पूरी संभावनाएं हैं कि आने वाले समय में भी चुनाव के मद्देनजर भाजपा केंद्रीय कानूनी संस्थानों की शक्तियों का दुरुपयोग करके आप को परेशान करने की कोशिश करेगी। इन समस्याओं से निपटने के लिए पार्टी ने केन्द्रीय स्तर पर, लोकसभा स्तर पर और विधानसभा स्तर पर लीगल सेल के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की है।

पूर्ण राज्य के दर्जा पर की पार्टी की स्थिति स्पष्ट
आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने दिल्ली को पूर्णराज्य के दर्जे पर फिर से पार्टी की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने ब्लाॅग लिखकर बड़ी बारीकी से एक-एक प्वाइंट पर विस्तार से जानकारी दी है। वह उसके इतिहास में भी गए हैं। आइए बताते हैं कि पूर्ण राज्य पर राय का क्या है नजरिया। राय का कहना है कि आज दिल्ली का शासन एक पंचमेल खिचड़ी की तरह है, जिसे कई निकाय मिलकर चलाते हैं। इनमें कुछ तो पूर्ण रूप से स्वायत हैं, कुछ सीधे सीधे केंद्र द्वारा संचालित किए जाते हैं।

थोड़े अधिकार दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास भी हैं, जो अपने आप में बेहद सीमित और दिल्ली की तरक्की के लिए नाकाफी हैं। दिल्ली में आम चुनावों के जरिए जो सरकार चुनी जाती है, उसके समानान्तर तीन नगर निगम, नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एनडीएमसी), दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) स्वायत्त तौर पर शासन करते हैं।

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