नई दिल्ली : अनुबंध खत्म होने के बाद सुरक्षित नौकरी की मांग को लेकर गेस्ट टीचर्स का दिल्ली भाजपा कार्यालय के बाहर 19वें दिन मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। हरियाणा की तर्ज पर दिल्ली में भी टीचर्स के लिए 60 साल की पॉलिसी को लागू करने की मांग को लेकर हजारों गेस्ट टीचर्स पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन कर रोष व्यक्त कर रहे हैं। गेस्ट टीचर्स ने मंगलवार को मुंह पर टेप लगाकर प्रदर्शन किया।

गेस्ट टीचर्स का कहना है कि इस मामले में जब कोई राजनीतिक पार्टी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं तो वे क्यों बोलें, इसलिए उन्होंने मंगलवार को मुंह पर टेप लगाकर प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा का कहना है कि पिछले तीन दिनों से टीचर्स ‘पॉलिसी दो वोट लो’ की टोपी पहन कर विरोध जता रहे हैं।

वहीं उन्होंने कहा कि अगर 60 साल की पॉलिसी लागू नहीं होती और अन्य मांगों को नहीं माना जाता है तो गेस्ट टीचर्स भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों राजनीतिक पार्टियों का बहिष्कार करेंगे और तीसरा विकल्प तलाशेंगे जो उनका रोजगार बचाने में मदद करेगा। वहीं गेस्ट टीचर्स ने भाजपा और आप के विरोध में कैंपेनिंग करने की बात भी कही है।

मुद्दे को नहीं लिया जा रहा गंभीर… टीचर शोएब राणा का कहना है कि गेस्ट टीचर्स के बेरोजगार हो जाने के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। दिल्ली की आप सरकार और भाजपा दोनों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। वहीं राणा का यह भी कहना है कि कोई कोर्ट का हवाला देकर वकील देने की बात कर रहा है तो कोई उप राज्यपाल का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ते हुए ये कह रहे हैं कि उप राज्यपाल की ओर से 60 साल की पॉलिसी को पास नहीं किया जा रहा है। टीचर्स का कहना है कि उनकी स्थिति फुटबॉल के समान हो गई, लेकिन अब वे सुरक्षित नौकरी के साथ ड्यूटी पर लौटेंगे।