नई दिल्ली : दिल्ली में एक बार फिर मरीज के तीमारदारों ने डॉक्टरों पर अपनी भड़ास निकाली। मामला रोहिणी स्थित जयपुर गोल्डन अस्पताल का है। जानकारी के अनुसार इसमें एक डॉक्टर के नाक की हड्डी टूट गई है जिसे अंबेडकर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सुखबीर सिंह और उनके साथ आए दो और लोग कैजुअल्टी में आए और दाखिल होते समय जो दवा वहां छूट गई थी, उसकी मांग करने लगे।

इस पर वहां मौजूद सीनियर डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वह तीन दिन पहले दाखिल हुए थे। कैजुअल्टी में अक्सर भीड़ रहती है। ऐसे में तीन दिन पुरानी दवा ढूंढना मुश्किल है। इससे नाराज मरीज और उनके तीमारदारों ने गाली गलौज शुरू कर दी। इस पर जब वहां मौजूद सीनियर मेडिकल ऑफिसर ने इसके लिए रोका तो वे पिटाई पर उतर आए। इसमें एक डॉक्टर के नाक की हड्डी टूट गई है, जिसे अंबेडकर अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

वहीं दिल्ली सरकार के आदेश के बाद भी इस मामले में अस्पताल की तरफ से इंस्टीट्यूशनल एफआईआर नहीं होने पर रेजिडेंट डॉक्टरों की संस्था यूनाइटेड आरडीए ने अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक को पत्र लिखकर जल्द से जल्द संस्थागत एफआईआर करने की अपील की है। इस मामले में चिकित्सा अधिक्षक नीशीथ कुमार ने फोन पर कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया।

सुलह के बाद खत्म हुई डीडीयू में डॉक्टरों की हड़ताल