BREAKING NEWS

लद्दाख के उपराज्यपाल आर के माथुर ने गृहमंत्री से की मुलाकात, कोरोना के हालात की स्थिति से कराया अवगत◾महाराष्ट्र : 24 घंटे में कोरोना से 116 लोगों की मौत, 2,682 नए मामले ◾दिल्ली-एनसीआर में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.6 मापी गई, हरियाणा का रोहतक रहा भूकंप का केंद्र◾मशहूर ज्योतिषाचार्य बेजन दारुवाला का 90 वर्ष की उम्र में निधन, कोरोना लक्षणों के बाद चल रहा था इलाज◾जीडीपी का 3.1 फीसदी पर लुढ़कना भाजपा सरकार के आर्थिक प्रबंधन की बड़ी नाकामी : पी चिदंबरम ◾कोरोना प्रभावित टॉप 10 देशों की लिस्ट में नौवें स्थान पर पहुंचा भारत, मरने वालों की संख्या चीन से ज्यादा हुई ◾पश्चिम बंगाल में 1 जून से खुलेंगे सभी धार्मिक स्थल, 8 जून से सभी संस्थाओं के कर्मचारी लौटेंगे काम पर◾छत्तीसगढ़ के पूर्व CM अजीत जोगी का 74 साल की उम्र में निधन◾दिल्ली: 24 घंटे में कोरोना के 1106 नए मामले, मनीष सिसोदिया बोले- घबराएं नहीं, 50% मरीज ठीक◾ट्रंप के मध्यस्थता वाले प्रस्ताव को चीन ने किया खारिज, कहा-किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं◾कैसा होगा लॉकडाउन 5.0 का स्वरूप? PM आवास पर हुई मोदी और शाह के बीच बैठक◾जम्मू-कश्मीर : विस्फोटक से भरी कार के मालिक की हुई पहचान, हिज्बुल का आतंकी है हिदायतुल्लाह मलिक◾रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में पहले से बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं से यात्रा नहीं करने का किया आग्रह◾लॉकडाउन तोड़ गोपालगंज के लिए निकले RJD नेता तेजस्वी यादव को पुलिस ने रोका◾देश को चीन के साथ सीमा हालात के बारे में अवगत कराए सरकार, चुप्पी से अटकलों को मिल रहा है बल : राहुल◾दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर सील होने के बाद लगा भयंकर जाम, भारी तादाद में बॉर्डर पर जमा हुए लोग◾अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर भारत ने दी प्रतिक्रिया, कहा- सीमा विवाद को लेकर मोदी और ट्रंप के बीच नहीं हुई बातचीत◾World Corona : दुनिया में महामारी का प्रकोप बरकरार, पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा 58 लाख के पार◾देश में कोरोना से संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 66 हजार के करीब, अब तक 4706 लोगों ने गंवाई जान ◾चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर ‘अच्छे मूड’ में नहीं हैं PM मोदी : डोनाल्ड ट्रम्प◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

प्रदेश कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी रार बढ़ने लगा शीला पर दबाव

नई दिल्ली : पार्टी के विभिन्न निर्णयों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस में अंदरुनी रार बढ़ती दिखायी दे रही है। जिसके चलते वरिष्ठ कांग्रेसी नेता न केवल प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित और उनके समर्थकों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने लगे हैं बल्कि प्रदेश के तीनों कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी भी मैदान में खुलकर सामने आ गए हैं। इसके चलते शीला पर हाल-फिलहाल में लिए गए सभी निर्णय वापस लेने का दबाव भी बढ़ने लगा है। शुक्रवार को शीला की अनुपस्थिति के बावजूद प्रदेश कांग्रेस द्वारा उनकी ओर से 14 जिला व 280 ब्लॉक पर्यवेक्षकों की घोषणा पर विवाद शनिवार को और गहरा गया।

पूर्व विधायक नसीब सिंह, हरी शंकर गुप्ता, चौ. मतीन अहमद, सुरेन्द्र कुमार, चौ. ब्रहमपाल, आसिफ मोहम्मद खान, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी, एआइसीसी सदस्य ओमप्रकाश विधूड़ी और चतर सिंह सहित करीब 24 पार्टी नेता कनाट प्लेस के एक रेस्तरां में एकत्रित हुए। लगभग एक घंटे की इस बैठक में सभी ने एकमत से इसका विरोध जताया कि प्रदेश कांग्रेस में एक के बाद एक ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो पार्टी के लिए नुकसानदायक हैं। 

चाहे वह लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने का फैसला हो, 280 ब्लॉक समितियों को भंग करने का फैसला हो और चाहे अब 14 जिला एवं 280 ब्लॉक पर्यवेक्षकों की घोषणा का मामला हो। इन नेताओं का कहना था कि शीला दीक्षित पिछले 10 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। बावजूद इसके उनकी अनुपस्थिति में भी ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं। इस बैठक के बाद इनमें से करीब आधे नेता प्रदेश प्रभारी पीसी चाको से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने चाको को एक ज्ञापन देते हुए प्रदेश की स्थिति पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया। 

तीनों कार्यकारी अध्यक्षों का शीला को पत्र

तीनों कार्यकारी अध्यक्षों हारुन यूसुफ, देवेंद्र यादव और राजेश लिलोठिया की ओर से शीला दीक्षित काे एक हस्ताक्षर युक्त पत्र लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के लिए एक अध्यक्ष और तीनों कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति स्वयं एआईसीसी ने की है। बावजूद इसके पार्टी के निर्णयों में उन्हें ही भरोसे में नहीं लिया जा रहा है। 

पत्र में यह भी कहा गया है कि एक ओर प्रदेश अध्यक्ष शुक्रवार शाम इन्हीं मुददों को सुलझाने के लिए कार्यकारी अध्यक्षों की बैठक बुलाती हैं तो दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस फिर से ब्लॉक और जिला पर्यवेक्षकों की घोषणा का नया धमाका कर देती है, यह सब अस्वीकार नहीं है।

चाको ने भी शीला को लिखा पत्र

सारी स्थितियों के मददेनजर चाको ने शीला के नाम फिर एक पत्र लिखा। इस पत्र में चाको ने शीला को अपने 29 जून और एक जुलाई को लिखे हुए पूर्व पत्रों की याद दिलाते हुए कहा है कि वह इन सभी फैसलों को रदद करें। उनके जैसे वरिष्ठ नेता के होते हुए प्रदेश कांग्रेस में कुछ अनधिकृत लोग विरोधाभासी निर्णय ले रहे हैं जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।