जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव में वोट डालेंगे जिससे उन आठ उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा जिनकी नजर राजनीतिक रूप से सक्रिय इस कैंपस में शीर्ष पद पर है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) चुनाव के लिए चुनाव प्राधिकारियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हाल में देशभर के विश्वविद्यालयों में हुए विभिन्न विवादों के बाद इस चुनाव पर लोगों की नजरें लगी हुई हैं।

वाम समर्थित आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने साथ मिलकर संयुक्त वाम गठबंधन बनाया है। गठबंधन ने स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज के एन. एस. बालाजी को अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।

डीएसएफ की सारिका चौधरी उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रही हैं, एसएफआई के एजाज अहमद राथेर महासचिव पद के लिए और एएसआईएफ के ए जयदीप संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस से संबद्ध एनएसयूआई ने स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज के विकास यादव को अध्यक्ष पद के लिए और एल के बाबू को उपाध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।

जेएनयू चुनाव : मतदाताओं की संख्या कम, कैसे दिखाएं दम

मोहम्मद मोफिजुल आलम सचिव पद पर जबकि एन रीना संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। आरएसएस संबद्ध एबीवीपी ने ललित पांडेय को अध्यक्ष पद के लिए, गीताश्री बरूआ को उपाध्यक्ष पद के लिए, गणेश गुर्जर को महासचिव और वी चौबे को संयुक्त सचिव पद के लिए उम्मीदवार बनाया है।