नई दिल्ली : जेएनयू से गत दो वर्ष पूर्व अचानक गायब हुए नजीब मामले में अब तक पुलिस और सीबीआई के हाथों कोई सुराग नहीं लग पाया है। सोमवार को नजीब को इंसाफ दिलाने के लिए देश की मांओं ने मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक मार्च निकालीं। इस दौरान दिल्ली कांग्रेस महिला अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी और हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला और जुनैद की मां भी शामिल हुईं। इस मार्च में जेएनयू से आईसा, एसएफआई, एआईएसएफ के अलावा एनएसयूआई, छात्र राजद, बापसा के सदस्य भी यहां पहुंचे।
यहां जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शहला राशिद के अलावा प्रगतिशील संगठनों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मार्च में यूनाइटेड अंगेस्ट हेट, मीम संस्था सहित कई अन्य के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। मार्च के दौरान नजीब की मां फातिमा नफीस ने बताया कि यह बेहद शर्मनाक बात है कि देश की सबसे बड़ी संस्था सीबीआई भी नजीब को ढूंढने में विफल साबित हुई हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सीबीआई के निदेशक को इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए।
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इसके साथ ही नफीस ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। मैं तो सिर्फ अपने बेटे को ढूंढने की जायज मांग कर रही हूं। मुझे ये लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रहे हैं। वहीं जुनैद की मांन ने भी कहा कि नजीब को इंसाफ मिलनी चाहिए। ज्ञात हो कि कथित तौर पर भीड़ द्वारा हिंसा की एक घटना में 2017 में ईद की खरीदारी के बाद घर लौट रहे जुनैद की हत्या कर दी गई थी।


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