नई दिल्ली : दिल्ली में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे सियासी पारा तेजी से बढ़ रहा है। राजनैतिक दलों के नेता विभिन्न मुद्दों को एक-दूसरे पर हमलावर हो रहे हैं। इस क्रम में नेताओं की न केवल जुबानी बयानबाजी जारी है बल्कि पोस्टर,वीडियो और मीम्स के माध्यम से भी पार्टियां एक-दूसरे पर छींटाकसी कर रही हैं। नामांकन के आखिरी दिन मंगलवार को भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ट्विटटर वॉर शुरू हो गया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि उनका (भाजपा) मकसद मुझको हराना है लेकिन मेरा मकसद भ्रष्टाचार को हराना और दिल्ली को आगे ले जाना है। इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि आप 70 वादों को पूरा करने में फेल रही है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर कर कहा कि एक तरफ भाजपा, जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी, जननायक जनता पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल हैं।
दूसरी तरफ स्कूल, अस्पताल, पानी, बिजली, महिलाओं के लिए फ्री यात्रा और दिल्ली की जनता है। मेरा मकसद भ्रष्टाचार को हराना और दिल्ली को आगे ले जाना है। उन सबका (उक्त राजनैतिक दल) मकसद है-मुझे हराना। दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी भी केजरीवाल पर पलटवार करने में पीछे नहीं रहे। केजरीवाल के आरोप पर मनोज तिवारी ने कहा कि एक तरफ-टूटी सड़कें, गंदा जहरीला पानी, एक नया स्कूल नहीं, एक नया अस्पताल नहीं, अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर बंद, एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं।
सब करप्शन से लड़ने वालों को पार्टी से निकाला। कांग्रेस से गठबंधन कर डाला। 70 वादों पर आम आदमी पार्टी पूरी तरह फेल रही। हालांकि इससे पहले भी कई मुद्दों को लेकर आप एवं भाजपा के नेता कई बार ट्विटर पर आपस में भिड़ चुके हैं। इस दौरान आप नेताओं ने दिल्ली के विकास के लिए बड़े-बड़े काम करने की बात कही तो वहीं भाजपा नेताओं ने इन कामों को मात्र केजरीवाल सरकार का दावा बताया जो हकीकत से कोसों दूर है। इस क्रम में सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से काम के आधार पर वोट मांगे तो भाजपा ने इसे दिल्लीवालों को बहकाने की कोशिश बताया।


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