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भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

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भत्ते छोड़ो सैलरी समय पर मिल जाए तो बड़ी बात होगी....

नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली नगर निगम का शिक्षकों ने पिछले सालों की भांति एक बार फिर तनख्वाह के लिए तरस रहे हैं। अक्टूबर, नवंबर माह की सेलरी उन्हें नहीं मिली है। इसके अतिरिक्त शिक्षक पिछले कई सालों से अटके अपने एरियर और अलाउंस मांग रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें हमेशा सिर्फ आश्वासन ही दिए जाते हैं असल काम कभी नहीं होता है। परेशान होकर शिक्षक कह रहे हैं कि हमारे एरियर, अलाउंस तो दूर की बात है यहां हमें सैलरी समय पर मिल जाए तो बहुत बड़ी बात होगी। पिछली ​दिवाली का हाफ बोनस एरियर और इस बार दीवाली का बोनस नहीं मिला, पिछले 3 बार का डीए का एरियर नहीं , 3 साल से चिल्ड्रन अलाउंस नहीं मिला, 7वें पे कमिश्न का एरियर नहीं मिला अब तक।

नगर निगम शिक्षक संघ के महासचिव रामनिवास सोलंकी ने बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में शिक्षकों और स्कूलों को जो सुविधाएं दी जा रही हैं वही सुविधाएं निगम शिक्षकों और स्कूलों को भी दी जाएं या फिर निगम स्कूलों को दिल्ली सरकार के अधीन कर दिया जाना चाहिए। निगम अधिकारियों के आये दिन होने वाले तबादलों से काम प्रभावित हो रहा है, बनी बनाई व्यवस्था अपने लालच में निगम नेताओं ने दाव पर लगा दी है। रामनिवास सोलंकी ने बताया कि चुनाव के समय भाजपा ने वादा किया था कि जल्द से जल्द तीनों नगर निगमों को एक कर सैलरी और एरियर संबंधि समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही भाजपा अपने इस वादे को भूल गई है।

उन्होंने बताया कि निगम के स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए अकेले रोहिणी ज़ोन में 12000 से ज्यादा डेस्कों की कमी है। वर्तमान निगम के नेताओं को कई बार बताने के बावजूद नेतागण तबादलों और पसन्दीदा अफसरों को मनचाही सीट देने में मशगूल हैं पर किसी का ध्यान इन आधारभूत समस्याओं पर नहीं जाता। दिल्ली नगर निगम शिक्षक संघ (प्रोग्रेसिव,उदारवादी रिपब्लिकन, डेमोक्रेटिक) तीनो धड़े, अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ, पीएसकेबी यूनियन, दिल्ली अध्यापक परिषद, सभी का यही कहना है अगर यही हालत रहे तो शिक्षकों के पास अब हड़ताल करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है क्योंकि निगम अधिकारियों ने शिक्षकों की आवाज को दबाने के लिए पिछले 2 साल से सिर्फ शिक्षकों की ही यूनियनों की मान्यता खत्म कर रखी है जिससे हमें कोई भी अधिकारी वैधानिक नहीं मानता यह सरासर हमारी आवाज को दबा कर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। विक्रम यादव प्रोग्रेसिव पार्टी नगर निगम शिक्षक संघ से, कुलदीप खत्री उदारवादी रिपब्लिकन पार्टी पैनल नगर निगम शिक्षक संघ के साथ-साथ सभी यूनीयन के अधिकारियों ने समय पर सैलरी ने मिलने पर आंदोलन करने की बात कही है। शिक्षकों का कहना है कि हमें हमारा घर चलाना मुश्किल हो रहा है।

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