नई दिल्ली : दिल्ली की सिख राजनीति में एक नया मोड़ आया है। नए साल की शुरुआत से पहले दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल हो सकता है और अध्यक्ष सहित अन्य बड़े पदों पर नए चेहरे दिख सकते हैं। डीएसजीएमसी कार्यालय गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में गुरुवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रेसवार्ता में डीएसजीएमसी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने अपने पद से इस्तीफा देने की जानकारी देते हुए कई अहम घोषणाएं की।

उन्होंने बताया कि डीएसजीएमसी की कार्यकारिणी बोर्ड ने आगामी वर्ष मार्च में होने वाले कार्यकारिणी बोर्ड के चुनाव को तीन माह पहले दिसंबर में करवाने का निर्णय लिया गया। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में जनरल हाउस बुलाकर नए पदाधिकारियों को चुना जाएगा। हालांकि इस मामले में अभी गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय की ओर से निर्णय आना बाकी है।

ज्ञात हो कि पंजाब केसरी एक दिन पहले ही सामूहिक इस्तीफे की संभावना पर खबर प्रकाशित की थी, जिस पर गुरुवार को मुहर लगी।जीके के साथ डीएसजीएमसी के अन्य चार पदाधिकारियों, महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, कनिष्ठ उपाध्यक्ष हरमनजीत सिंह, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह पप्पू, चेयरमैन धर्मप्रचार कमेटी परमजीत सिंह राणा और अन्य 10 कार्यकारी सदस्यों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि पुन: चुनाव न होने तक उक्त पदाधिकारी और कार्यकारी अधिकारी कार्यकारी तौर पर अपने पद पर बने रहेंगे।

भ्रष्टाचार के चलते दिया इस्तीफा
डीएसजीएमसी पदाधिकारियों और कार्यकारी अधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे की एक बड़ी वजह बीते कुछ समय से डीएसजीएमसी और पदाधिकारियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को माना जा रहा है। जीके का कहना है कि जब तक डीएसजीएमसी और उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं हो जाती, तब तक वह खुद को किसी भी पद पर काबिज नहीं रखना चाहते। नई कार्यकारिणी में जो भी अध्यक्ष पद के लिए चुना जाएगा वह उसका स्वागत करेंगे।

नई कार्यकारिणी बनाएगी जांच कमेटी
जीके के मुताबिक नवनिर्वाचित कार्यकारिणी बोर्ड डीएसजीएमसी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी का गठन करेगी। चूंकि नई कार्यकारिणी में सभी पदों पर नए चेहरे काबिज होंगे, इसलिए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी को दी गई है।

देर शाम तक बना रहा असमंजस
डीएसजीएमसी की प्रेस वार्ता के बाद गुरुवार देर शाम तक पदाधिकारियों और कार्यकारी सदस्यों द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने की बात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। महासचिव और कई कार्यकारी सदस्यों के इस्तीफे की कॉपी मीडिया में साझा होने के बाद इसकी पुष्टि हो गई।

निदेशालय को लिखा पत्र
डीएसजीएमसी ने दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को पत्र लिखकर आगामी वर्ष मार्च में होने वाले डीएसजीएमसी के 15 सदस्यीय कार्यकारिणी बोर्ड के चुनाव को तीन माह पहले दिसंबर माह में आयोजित करने की सिफारिश की है। डीएसजीएमसी ने बाकायदा गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को 27 से 29 दिसंबर के बीच चुनाव करवाने का सुझाव दिया। हालांकि इस पर गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय का निर्णय शेष है।