नई दिल्ली : प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंडका इलाके की नॉर्थ एमसीडी की टीम जांच करेगी। इसके लिए टीम शुक्रवार को नांगलोई, मुंडका और टीकरी इलाके का दौरा करेगी। शनिवार को नॉर्थ एमसीडी की टीम ईपीसीए की टीम के साथ फिर से दौरा कर ईपीसीए को जानकारी देगी। इसके बाद ही सीलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। सोमवार को इन्हीं मामलों को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल के यहां मीटिंग होगी।

उक्त जानकारी नॉर्थ एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में एडिश्नल कमिश्नर बीएम मिश्रा ने दी। दरअसल, मीटिंग में कांग्रेस पार्षद मेंबर मुकेश गोयल ने आरोप लगाया था कि बाहरी दिल्ली के नांगलोई, मुंडका व टीकरी में चल रही प्रदूषित औद्योगिक इकाइयों को सील करने की कार्यवाही निगम की ओर से शुक्रवार को की जानी संभावित है।

इस संबंध में कमिश्नर की ओर से एक सर्कुलर भी जारी किया गया है। लेकिन इस कार्यवाही के लिए संबंधित औद्योगिक इकाइयों को निगम की ओर से कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है जबकि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि सीलिंग कार्यवाही से पहले संबंधित इकाई को 48 घंटे पहले नोटिस जारी किया जाए।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि मिस्यूज वालों को तो 48 घंटे की छूट मिलेगी। इस दौरान वह अपना लाइसेंस दिखा सकते हैं या फिर यह एफिडेविट दे सकते हैं कि वह इस तरह का मिस्यूज नहीं करेंगे। लेकिन पॉल्यूशन वाले यूनिट्स को कोई राहत नहीं मिलेगी। कमिश्नर मधुप व्यास ने यह भी स्पष्ट किया गया दूसरे तरह की सीलिंग पर राहत देने के लिए ईपीसीए की मीटिंग में पार्षदों की राय रखी जाएगी।

वहीं, मीटिंग में स्टैंडिंग कमेटी चेयरपर्सन वीना विरमानी ने कहा कि टेपररी सीलिंग को लेकर प्रक्रिया सरल करने के साथ-साथ टाइम बाउंड भी होनी चाहिए। ऐसा जोलन या हेड क्वार्टर लेवल पर भी किया जा सकता है।