BREAKING NEWS

दिल्ली में अमित शाह की रैली में सीएए-विरोधी नारा लगाने पर छात्र की पिटाई ◾हेमंत मंत्रिमंडल का विस्तार मंगलवार को, सात नये मंत्री हो सकते हैं शामिल ◾मुझे पेशेवर सेवाओं के लिए पीएफआई की तरफ से भुगतान किया गया था: कपिल सिब्बल ◾कोरेगांव-भीमा मामला : भाकपा ने कहा- NIR को सौंपना पूर्व भाजपाई सरकार के झूठ पर “पर्दा डालने की कोशिश’◾कोई शक्ति कश्मीरी पंडितों को लौटने से नहीं रोक सकती : राजनाथ सिंह ◾उत्तरप्रदेश : प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्याचार’ के खिलाफ मानवाधिकार पहुंचे राहुल और प्रियंका ◾‘कर चोरी’ मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर अंतरिम रोक बढ़ाई ◾ताजमहल एक खूबसूरत तोहफा है, इसे सहेजने की हम सबकी है जिम्मेदारी : बोलसोनारो◾जम्मू : डोगरा फ्रंट ने शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ निकाली रैली◾मुख्यमंत्री से रिश्ते सुधारने की कोशिश करते दिखे राज्यपाल धनखड़, लेकिन कुछ नहीं बोलीं ममता बनर्जी ◾रामविलास पासवान ने अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर दी बधाई, बोले- उन्होंने अपनी प्रतिभा से भारत की प्रतिष्ठा एवं सम्मान बढ़ाया है◾वैश्विक आलू सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे PM मोदी ◾TOP 20 NEWS 27 January : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾पश्चिम बंगाल विधानसभा में CAA विरोधी प्रस्ताव पारित, ममता बनर्जी ने केंद्र के खिलाफ लड़ने का किया आह्वान◾अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में यात्री विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 110 लोग थे सवार◾उत्तर प्रदेश में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान PFI से जुड़े 73 खातों में जमा हुए 120 करोड़ रुपए◾भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा रखने वालों को मिल रही है शाहीन बाग प्रदर्शन की आड़ : रविशंकर प्रसाद◾सुप्रीम कोर्ट का NPR की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार, केंद्र को जारी किया नोटिस◾केजरीवाल बताएं, भारत को तोड़ने की चाह रखने वालों का समर्थन क्यों कर रहे : जेपी नड्डा◾शरजील इमाम के बाद एक और विवादित वीडियो आया सामने, संबित पात्रा ने ट्वीट कर कही ये बात◾

प्याज ने कई बार सत्ता से बाहर कीं सरकारें

नई दिल्ली : जिस प्याज के दामों को लेकर दिल्ली में हंगामा मचा हुआ है। इसी प्याज ने 1998 में दिल्ली से भाजपा की सरकार को दोबारा नहीं आने दिया। कांग्रेस ने प्याज को दिल्ली की जनता के आगे इस तरह से प्रोजेक्ट किया कि लोगों ने बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया, उसके बाद लगभग 20 साल हो गए लेकिन भाजपा सत्ता में नहीं लौटी। एक बार फिर दिल्ली में चुनावों की सरगर्मी के बीच प्याज के दामों पर राजनीति शुरू हो गई है। 

इससे पहले भी कई बार प्याज के दामों ने राजनीतिक तूफान खड़े किए हैं। जब-जब इसके दाम आसमान पर पहुंचे हैं, तब-तब किसी न किसी की कुर्सी हिली है। यही वजह है कि संसद से लेकर सड़क तक प्याज को लेकर हंगामा मचा हुआ है। प्याज ने आपातकाल से ही अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया था। 

कहा जाता है कि जनता पार्टी की सरकार भले ही अपनी वजहों से गिरी हो, लेकिन कांग्रेस ने उसके बाद का चुनाव प्याज की वजह से जीत लिया। इसके अलावा केंद्र में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी तो 1998 में प्याज की कीमतों ने फिर रुलाना शुरू कर दिया। उस समय दिल्ली में मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज के नेतृत्व वाली भाजपा बुरी तरह हार गई। 

शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन 15 साल बाद प्याज ने उन्हें भी रुला दिया। अक्तूबर 2013 को प्याज की बढ़ी कीमतों पर सुषमा स्वराज की टिप्पणी थी कि यहीं से शीला सरकार का पतन शुरू होगा। वही हुआ। भ्रष्टाचार के साथ महंगाई का मुद्दा चुनाव में एक और बदलाव का साक्षी बना। अब फिर प्याज की कीमतों में उछाल का सीजन है और चुनाव का भी।