नई दिल्ली : आने वाले दिनों में आपको केंद्र सरकार के अस्पतालों के ओपीडी में दिखाने के लिए सुबह सवेरे भागने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय अपने अस्पतालों में ओपीडी के समय को सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक करने पर विचार कर रही है। जिसके पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सफदरजंग अस्पताल से इस पर सुझाव मांगे गए हैं। हालांकि अभी से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं।

इसी महीने के 11 तारीख को सफदरजंग अस्पताल ने अपने दस विभागों के अध्यक्ष को पत्र लिखा था। जिसमें बताया कि 24 7 चिकित्सकीय सुविधा देने के क्रम में पायलट प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल के मेडिसिन, पीडियाट्रिक, गाइनी और सर्जरी विभाग में सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक चलाने की बात कही गई थी। इसके लिए पारा मेडिकल और स्पोर्टिंग स्टाफ के अलावा उपलब्ध संसाधनों में चलाने का प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए उन्हें दो दिन का समय दिया गया था। इसे लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने अभी से ही विरोध शुरू कर दिया है।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसियेशन (फोर्डा) के जनरल सेक्रेटरी डॉ. मनीष निगम बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक रेजिडेंट डॉक्टर्स को हफ्ते में 48 घंटे काम करना होगा लेकिन रेजिडेंट की भारी कमी के चलते वर्तमान में हमें 60 से 70 घंटे तक काम करना पड़ रहा है। यदि ओपीडी के लिए नई टाइमिंग को लागू होती है तो इससे डॉक्टर्स पर बोझ बढ़ जाएगा। उनका सवाल है कि काम के घंटे बढ़ाने के साथ ही क्या उनका मानदेय और अस्पतालों की सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा।