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गाजीपुर बॉर्डर पर सड़कें बंद के कारण लोग अस्थाई रास्तों का इस्तेमाल कर जान जोखिम में डाल रहे है

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के चलते गाजीपुर बॉर्डर पर मुख्य सड़कें बंद हैं। जिसके कारण लोग अस्थाई रास्ते का इस्तेमाल कर रहे है, ऐसे में दफ्तर पहुंचने की जल्दी में लोग अपनी जान जोखिम में डालने पर मजबूर हो रहे है। दरअसल गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद से किसानों को दिल्ली की सीमा में आने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने सड़कों को पूरी तरह से सील कर दिया है। कटीले तारों का इस्तेमाल और भारी पत्थरों को सड़कों पर रखे जाने से स्थानीय लोग भी उन्हें पार नहीं कर पा रहे है।

सुबह और शाम के वक्त घर और दफ्तर जाने वाले लोग इस कदर मजबूर है कि लोग अब अस्थाई सड़कों का इस्तेमाल कर रहे है। बड़े- बड़े गड्ढे और पत्थर होने से गाड़ियों के साथ लोग गिर भी रहे है। हालांकि इससे पहले इस तरह के अस्थाई रास्तों को बंद किया गया था, लेकिन लोगों ने फिर एक बार फिर इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया। छोटे बच्चों के साथ इन रास्तों पर लोग सफर करने पर मजबूर है। समय बचाने की जल्दी में लोग इतने बेपरवाह हो चुके हैं कि उनको पता ही नहीं कि किस रास्ते का इस्तेमाल करना है।

शनिवार और रविवार के दिन को छोड़ सामान्य दिनों में जाम की स्थिति भी देखी जाती है। लोग घंटो सड़कों पर इंतजार कर अपने गंतव्य स्थानों की ओर जा रहे हैं। हालांकि रोज इस तरह सफर करने वाले लोग बेहद परेशान हो चुके है, उनकी राय जानी जाए तो जल्द ही इन रास्तों को खोलने की बात करते है।

तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे है।