प्रगति मैदान में 14 नवंबर से शुरू हो रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) में इस बार अपने वस्तुओं का प्रदर्शन करने वालों को जगह की कम उपलब्धता की समस्या से जूझना होगा।

वर्तमान में प्रगति मैदान के नवीनीकरण का काम चल रहा है, जिसके वजह से स्थान की उपलब्धता सीमित है। वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, “इस बार प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध जगह आईआईटीएफ के पिछले संस्करणों की तुलना में एक चौथाई ही रह जाएगी। ऐसा प्रगति मैदान में आईईसीसी (एकीकृत प्रदर्शनी सह सम्मेलन केंद्र) परियोजना के विकास के चलते होगा।”

इस मेले के आयोजक भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) ने कहा कि जगह के आकार में बहुत अधिक कमी के कारण सामान्य कार्यक्रम के अनुसार मेले का आयोजन बहुत मुश्किल है। उसने कहा कि इसके बावजूद वह अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास कर रहा है।लगभग सभी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश इस मेले में हिस्सा लेंगे।

केजरीवाल सरकार वायु प्रदूषण पर ‘श्वेतपत्र’ लाये – BJP

अफगानिस्तान मेले के इस संस्करण का साझीदार देश है और नेपाल पर विशेष जोर दिया जाएगा। वहीं विशेष ध्यान दिये जाना वाला राज्य झारखंड है। इस बार के मेले का थीम है – ‘भारत के ग्रामीण उद्यम।’

आईआईटीएफ के इस संस्करण में देश और दुनिया की करीब 800 कंपनियां एवं राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग हिस्सा लेंगे।
यह मेला 27 नवंबर तक चलेगा।

आईटीपीओ ने शुरू के चार दिन (14 नवंबर से 17 नवंबर) कारोबारियों के लिये रखा है।

कारोबारी दिन का टिकट 500 रुपये प्रति व्यक्ति होगा जबकि सीजन टिकट 1800 रुपये है। मेले में आने वाले अन्य लोगों के लिये (18 से 27 नवंबर) किराया शनिवार/ रविवार/ सार्वजनिक अवकाश में प्रति व्यक्ति टिकट 120 रुपये और बच्चों के लिये 60 रुपये होगा। अन्य दिनों के लिये प्रति व्यक्ति टिकट 60 रुपये और बच्चों के लिये 40 रुपये रखा गया है।