नई दिल्ली : डीडीए की ओर से मास्टर प्लान में संशोधन के बाद भी दिल्ली के व्यापारियों पर सीलिंग का साया मंडरा रहा है। खासकर राजौरी गार्डन स्थित मार्बल मार्केट पर। आज मॉनिटरिंग की मीटिंग होनी है, जिसमें राजौरी गार्डन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। राजौरी गार्डन मार्बल मार्केट का हाल ही में मॉनिटरिंग कमिटी के आदेश पर एसडीएम की ओर से सर्वे किया गया था। उन्होंने बताया कि दुकानदारों ने सरकारी जमीन पर अधिग्रहण किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर कमिटी एक बार फिर सीलिंग की तैयारी कर रही है। दुकानदारों को नोटिस भी जारी किया गया है। दुकानदारों ने एमसीडी अफसरों से गुहार लगाई है कि उनकी दुकानें सील न की जाएं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां जितनी भी दुकानें हैं, सभी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई हैं और अवैध हैं। इस आधार पर दुकानदारों को नोटिस भी जारी किया गया है। दुकानदार नोटिस मिलने के बाद से दहशत में हैं। दुकानदारों ने एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। कुछ महीने पहले इस मार्केट की 51 दुकानों को सील कर दिया गया था। मार्केट की बाकी दुकानों पर भी सीलिंग का साया मंडरा रहा है।

राजौरी गार्डन मार्बल मार्केट के लिए 1956 में डीएलएफ ने दुकानदारों को जमीन अलॉट की थी। 99 दुकानदारों को मार्बल की दुकान के लिए जमीन दी गई। राजा गार्डन फ्लाईओवर के निर्माण के लिए इनमें से कई दुकानदारों से सरकार ने 40 फुट, तो किसी से 35 फुट जमीन एक्वायर की थी। उन्हें यह भी नोटिस दिया गया था कि अगर बाद में जरूरत पड़ी तो उनसे और भी जमीन एक्वायर की जा सकती है। इसके लिए दुकानदारों को मुआवजा भी दिया गया। बाद में न तो सरकार को और अधिक जमीन की जरूरत पड़ी और न ही दुकानदारों की जमीन एक्वायर की गई।