दिल्ली की सीमाओं पर पिछले साल नवंबर से डेरा डाले प्रदर्शनकारी किसान केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच बीकेयू के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि यदि सरकार आमंत्रित करती है तो नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान वार्ता के लिए तैयार हैं, बातचीत वहीं से शुरू होगी जहां 22 जनवरी को खत्म हुई थी और मांगों में कोई बदलाव नहीं है।
उन्होंने कहा कि वार्ता बहाली के लिए सरकार को प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा को वार्ता का निमंत्रण देना चाहिए। बीकेयू मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक की ओर से जारी बयान में टिकैत ने कहा, ‘‘ सरकार के साथ वार्ता वहीं से बहाल होगी जहां 22 जनवरी को खत्म हुई थी । मांग भी वहीं हैं कि तीनों काले कानूनों को निरस्त किया जाए, न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नया कानून बनाया जाए। ’’ टिकैत का बयान कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्री से वार्ता बहाली के लिये की गयी अपील के बाद आया है।


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