कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन पिछले तीन महीनो से जारी है। केंद्र सरकार इस पर विचार और संशोधन करने के लिए तैयार है लेकिन किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है, उनकी लगातार यही कोशिश है कि कानूनों को रद्द किया जाए। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन को जारी रखने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार बात नहीं मानेगी, आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा।
टिकैत ने इस बात का भी जिक्र किया कि अभी बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। हमारी तैयारी लंबी है। कानून वापस न होने की स्थिति में हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इससे पहले टिकैत ने कहा था कि अगर ट्रैक्टरों को रोका जता है तो किसानों की तरफ से बैरिकेड्स तोड़ दिए जाएंगे।
वहीं कृषि कानूनों के खिलाफ टीकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गर्मियों के लिए अपनी तैयारी में जुट गए हैं। टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शनस्थल पर पंखे, फ्रिज का इंतजाम किया है। दूसरी तरफ किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है। केंद्र का कहना है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। कानूनों में संशोधन के लिए हम तैयार है।


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