नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से 11 साल की बच्ची से रेप के मामले में बरी एक व्यक्ति सुमित कुमार को पोस्को एक्ट में दोषी करार दिया है। उसके ट्रायल कोर्ट के फैसले को स्टेट ऑफ एनसीटी ऑफ दिल्ली की ओर से चुनौती दी गई थी। जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस विपिन संघी और जस्टिस आईएस मेहता की बेंच ने आरोपी को पाेस्को एक्ट में दोषी पाया है। हालांकि अभी आरोपी की सजा मुकर्रर नहीं की गई है। यह मामला सजा के लिए निचली अदालत में भेजा जा सकता है। वैसे कम से कम 10 साल की सजा इस मामले में हो सकती है।

यह है मामला… कोटला मुबारकपुर थाने के क्षेत्र में यह घटना 20 फरवरी 2013 को हुई। जब घर में दो बच्ची अकेली थीं। तब पड़ोस में पान-बीड़ी की दुकान लगाने वाले एक युवक ने मौका देखकर 11 साल की एक बच्ची के साथ गलत कार्य किया। पांच दिन बाद 25 फरवरी 2013 को बच्ची ने अपनी मां को हिम्मत करते हुए बताया। जिसे 100 नंबर पर कॉल कर इस मामले को दर्ज कराया गया। आईपीसी धारा 376 और पोस्को एक्ट के तहत यह मामला दर्ज किया गया। क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट में ज्यादा कुछ नहीं आया। इसकी वजह मेडिकल जांच में देरी रही। रिपोर्ट के द्वारा इस बात की पुष्टि की गई कि बच्ची के साथ रेप हुआ होगा।

हत्या से पहले महिला के साथ हुआ था रेप

इसके अलावा 7 साल की छोटी बहन इस मामले में गवाह थी। इस पर केस को बच्ची की उम्र को लेकर भी घुमाया गया। और जांच में तथ्यों की कमी के आधार पर ही जिला कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया था। छोटी बच्ची के बयान को भी कोर्ट ने नहीं माना। पुलिस की ओर से बच्ची को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई। जिसपर पोस्को एक्ट के तहत सेक्शन 5 व 6 में आरोपी को कोर्ट ने दोषी माना है।

कितनी सजा पोस्को एक्ट में : हाईकोर्ट ने इस मामले में सारी जिरह सुनने के बाद अपना फैसला 7 अगस्त 2018 को सुरक्षित रख लिया था। जिसपर ही हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर को अपने फैसले के तहत आरोपी को दोषी करार दिया। पोस्को एक्ट के तहत अब उम्र कैद और फांसी की सजा का प्रावधान है। लेकिन यह मामला पुराना है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सजा नहीं सुनाई है। इसलिए निचली अदालत में सजा के लिए यह मामला अब जाएगा। जहां पर निचली अदालत आरोपी की सजा तय करेगी। वैसे वकील भारत एस कुमार के अनुसार सेक्शन 5 व 6 के तहत कम से कम 10 सालकी सजा आरोपी को हो सकती है।

– इमरान खान