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सिंधु बॉर्डर तक पहुंचना एक चुनौती बन गया है ,दो किलोमीटर पहले ही पुलिस का पहरा शुरू

दिल्ली की सीमाओं पर 2 महीने से अधिक समय से प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन पहले के मुकाबले अब बॉर्डर पर स्थितियां काफी बदल चुकी हैं। सिंघु बॉर्डर पर पहले सामान्य व्यक्ति आ जा सकता था, लेकिन अब शुक्रवार को हुए बवाल के बाद से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचना एक चुनौती बन गया है।सिंघु बॉर्डर धरना स्थल से करीब एक से दो किलोमीटर पहले ही पुलिस का पहरा शुरू हो जाता है और गाड़ियों को वहीं से अब डाइवर्ट किया जा रहा है। इससे पहले धरनास्थल से करीब 400 मीटर पहले गाड़ियों को डाइवर्ट किया जा रहा था।

दूसरी ओर बॉर्डर पर जहां से पुलिस ने अपना पहरा देना शुरू किया हुआ है, उस जगह से अब अंदर जाना बेहद मुश्किल हो गया है। सामान्य लोगों को अब अंदर जाने की पहले की तरह अनुमति नहीं है।दिल्ली की ओर से जाने पर शुरूआत में ही दिल्ली पुलिस के जवान, पैरामिल्रिटी फोर्स और आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया है। हर किसी व्यक्ति को अब अपनी पहचान पुलिसकर्मियों को बतानी होगी। हालांकि इससे पहले इतना सख्त पहरा नहीं था।इतना ही नहीं पहले जिस तरह लोग दिल्ली से हरियाणा की ओर आसानी से जा सकते थे तो अब उन लोगों को पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों से ही जाना होगा।

बॉर्डर पर करीब 10 जगहों पर आपकी पहचान की जाएगी, पुलिस द्वारा जितनी जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं उतनी जगहों पर आपसे पूछताछ होगी। जब तक पुलिसकर्मी संतुष्ट नहीं हो जाते तब तक आपको आगे जाने की इजाजत नहीं होगी।आसपास के इलाके में ड्रोन से नजर रखी जा रही है। साथ ही पुलिसकर्मी लगातार वीडियोग्राफी भी कर रहे हैं।दरअसल, 26 जनवरी के बाद से ही बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। शुक्रवार को हुए सिंघु बॉर्डर पर झड़प और दिल्ली में मौजूद एक दूतावास के सामने ब्लास्ट के कारण भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है।

सिंघु बॉर्डर पर अब हर एक पुलिसकर्मी आप पर नजर बनाए हुए है, यदि आप बॉर्डर पर कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे पुलिसकर्मियों को आप पर शक हो तो वह तुरन्त आपसे पूछताछ करना शुरू कर देगा।पहले जिस तरह धरनास्थल तक आप आसानी से जा सकते थे वहीं अब ऐसा नहीं है, धरनास्थल के एक कोने से पुलिस ने पूरी तरह रास्ता ब्लॉक कर दिया है।बॉर्डर पर बड़े बड़े पत्थरों को जंजीर से बांधा गया है तो वहीं बैरिकेड की 5 से 6 लेयर लगाई गई है, साथ ही कटीले तारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि कोई सामान्य व्यक्ति धरना स्थल की ओर न जा सके और न ही कूद सके।

बॉर्डर पर लगातार जवानों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था में जहां जो कमी नजर आती है उसे तुरंत दुरुस्त किया जा रहा है।बॉर्डर पर सुरक्षा के चलते इलाके में इंटरनेट की सुविधा पूरी तरह से बंद कर दी गयी है। ताकि किसी तरह की कोई अफवाह न फैल सके। हालांकि इंटरनेट सेवा बन्द होने के कारण आस पास के गांव वासी भी परेशान हैं।बोर्डर पर मौजूद प्रदर्शनकारी भी अपनी तरफ से एहतियात बरत रहे है, किसानों ने आस पास के घरों की छतों पर बैठना शुरू कर दिया है ताकि दूर से लोगों पर नजर रखी जा सके। यानी बॉर्डर पर पूरी तरह से एक अभेद किला बन चुका है।