यहां की एक अदालत ने दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की ओर से दायर आपराधिक मानहानि के मामले में भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 251 के तहत सिरसा और अन्य के खिलाफ मुकदमे के बिन्दु तय कर दिए हैं और जैन तथा उनके गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को तय की है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोपी मनजिंदर सिंह सिरसा, विष्णु प्रकाश त्रिपाठी तथा नीतेंद्र श्रीवास्तव के वकील को सीआरपीसी की धारा 251 के तहत आरोप के बारे में बता दिया गया है जो उन्होंने स्वीकार नहीं किए और मुकदमा चलाने को कहा है।’’ जैन ने दावा किया कि सिरसा ने आरोप लगाया कि वह (जैन) पार्टी में अवैध धन की बड़ी राशि बांट रहे हैं। मंत्री ने एक मीडिया हाउस पर सिरसा का अपमानजनक और झूठा बयान छापने का भी आरोप लगाया है।
उनके वकील ने कहा कि ये आरोप राष्ट्रीय मीडिया के सामने लगाए गए थे लेकिन सिर्फ एक अखबार ने इसे छापा जो दिखाता है कि वे मिले हुए हैं। जैन ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उनका अपमान करने के लिए आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा और भाजपा नेता सिरसा के खिलाफ दो आपराधिक मानहानि की शिकायतें दायर की हैं।
मानहानि के अपराध में दोषी साबित होने पर दो साल की कैद होती है।


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