दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को नोएडा-फरीदाबाद वाले रास्ते को कुछ वडेर खोलने के बाद बंद कर दिया गया। 69 दिनों जारी प्रदर्शन के बीच पुलिस ने थोड़ी देर के लिए बैरिकेडिंग को हटाने के बाद फिर लगा दिया। नोएडा-फरीदाबाद रोड 15 दिसंबर से बंद किया गया है।
शाहीन बाग प्रदर्शन के कारण बंद हुए सभी रास्तों को खोले जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए हैं। वार्ताकार पिछले दो दिनों से प्रदर्शनकारियों को समझाने के प्रयास में लगे हुए है। गुरुवार को भी शाहीन बाग पहुंचे वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कि लेकिन कोई हल सामने नहीं आया।
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इससे पहले इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विरोध करने के लिए प्रदर्शनकारी सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध नहीं कर सकते हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र ने प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘बच्चों को ढाल के रूप में इस्तेमाल’ किए जाने का मामला भी उठाया।
पीठ ने कहा की कोर्ट हर संस्था को प्रदर्शनकारियों के सामने घुटने टेकते नहीं दिखा सकती है। पिछले 69 दिन से जारी प्रदर्शन कि वजह से कालिंदी कुंज से शाहीन बाग की ओर से जाने वाली सड़क बंद है। साथ ही नोएडा-फरीदाबाद वाले रास्ते को भी बंद किया गया था।


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