BREAKING NEWS

येदियुरप्पा के शपथ लेने के बाद मुम्बई से लौटेंगे कर्नाटक के बागी विधायक◾कश्मीर के बारे में ट्रंप के प्रस्ताव पर भारत की प्रतिक्रिया से चकित हूं : इमरान खान ◾कर्नाटक में गिरी कुमारस्वामी सरकार, विश्वास प्रस्ताव के पक्ष पड़े 99 वोट ◾खुशी से पद छोड़ने को तैयार हूं : कुमारस्वामी ◾बोरिस जॉनसन बने ब्रिटेन के नए PM, यूरोपीय संघ से देश को बाहर निकालना होगी बड़ी चुनौती◾कश्मीर मुद्दे पर नरेंद्र मोदी और इमरान खान को मिलकर करनी चाहिए पहल - फारुख अब्दुल्ला◾Top 20 News 23 July - आज की 20 सबसे बड़ी ख़बरें◾भाजपा ने ट्रंप के दावे पर विपक्ष के रूख को गैर जिम्मेदाराना बताया ◾कर्नाटक संकट: भाजपा ने कुमारस्वामी पर करदाताओं का पैसा बर्बाद करने का लगाया आरोप◾गृह मंत्रालय ने घटाई लालू यादव, चिराग पासवान समेत कई बड़े नेताओं की सुरक्षा◾SC ने NRC प्रकाशन की समय सीमा बढ़ाई, 20 फीसदी नमूनों के पुन: सत्यापन का अनुरोध ठुकराया◾PM मोदी देश को बताएं कि उनकी ट्रंप से क्या बात हुई थी : राहुल गांधी◾SC ने आम्रपाली समूह का रेरा पंजीकरण किया रद्द, NBCC को लंबित परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश◾ट्रंप के दावे पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों का हंगामा, PM से जवाब देने की मांग की◾ट्रंप के बयान पर संसद में हंगामा, जयशंकर ने कहा- मोदी ने नहीं की मध्यस्थता की बात◾RTI कानून खत्म करना चाहती है सरकार, हर नागरिक होगा कमजोर : सोनिया गांधी ◾कश्मीर पर मध्यस्थता की ट्रंप की पेशकश का इमरान खान ने किया स्वागत, कहा- इसे दो पक्ष नहीं सुलझा सकते◾PM मोदी जवाब दें कि मध्यस्थता की पेशकश की या ट्रंप की बात झूठ है : कांग्रेस◾कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का यू-टर्न, बोला- ये भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा◾अखिलेश यादव को बड़ा झटका, ‘ब्लैक कैट’ सुरक्षा कवच वापस लेगा केंद्र◾

दिल्ली – एन. सी. आर.

शीला बीमार, दिल्ली कांग्रेस वेंटीलेटर पर!

नई दिल्ली : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस में इस समय अनिश्चिता का माहौल बना हुआ है। एक तरफ कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित की तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, तो दूसरी तरफ प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं के भाजपा में शामिल होेने की चर्चा आम हो चली है। यही नहीं प्रदेश में गुटबाजी भी चरम पर है। एक तरफ प्रदेश प्रभारी पीसी चाको हैं तो दूसरी तरफ शीला दीक्षित। दोनों गुट एक-दूसरे की खिलाफत करते आसानी से देखे जा सकते हैं। पार्टी के भीतर अनिश्चिता कुछ इसलिए भी है कि राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है, नए अध्यक्ष का चयन नहीं हो पा रहा है। 

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की निगाहें उधर भी लगी हैं। शीला एंड कंपनी ने ब्लॉक समी​तियां भंग कर दी हैं, लेकिन नई ब्लॉक समितियां नहीं बनी। दूसरे जिला समितियों को भी भंग करने की तैयारी थी, लेकिन जबतक राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित नहीं हो जाते, तब तक कुछ होने वाला नहीं। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित पिछले एक हफ्ते से बीमार चल रही हैं और एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। जब शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था तभी दिल्ली में पहली बार अध्यक्ष के साथ-साथ तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए थे, लेकिन ​शीला के बीमार होते ही तीन कार्यकारी अध्यक्षों में से दो कार्यकारी अध्यक्ष भी गायब हो गए हैं। 

राजेश लिलोठिया जरूर प्रदेश कार्यालय में दिख जाते हैं, बाकी हारुन युसूफ व देवेन्द्र यादव दिखाई नहीं देते हैं। वैसे उनके शुभचिंतक यह कह कर जरूर उन्हें बचाते रहते हैं कि यहां आकर क्या करेंगे, फील्ड में रहते हैं। यानी कुल मिलाकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस शीला के बीमार होते ही वेंटीलेटर पर पहुंच गई है। इन्हें ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं, लेकिन कांग्रेस की तैयारियां जमीन पर बिखरी पड़ी हैं। प्रदेश कार्यालय में न तो बैठकें हो रही हैं न ही ब्लॉक अध्यक्षों को घोषित करने की प्रक्रिया ही आगे बढ़ रही है। शीला के न होने से प्रदेश कांग्रेस ठप हो गई है। तीनों ही कार्यकारी अध्यक्षों में सामंजस्य नहीं है। 

जब ब्लॉक समितियों को भंग किया गया था तब भी कार्यकारी अध्यक्ष हारुन युसूफ ने बयान दिया था कि उन्हें मालूम ही नहीं की ब्लॉक समितियां भंग कर दी गई हैं। ऐसे में नई समितियां बन नहीं रही, पुराने वाले ब्लॉक अध्यक्ष काम नहीं कर रहे हैं। जिलाध्यक्षों में बैचेनी है कि उनका क्या होगा? ब्लॉक अध्यक्षों के चयन के लिए विधानसभा स्तर पर ऑबजर्बर नियुक्ति किए जाने थे, लेकिन अध्यक्ष के न होने से वह भी लटक गया है। अब जब तक ऑबजर्बर नहीं घोषित होंगे, तब तक ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनेंगे। लेकिन उससे पहले शीला दीक्षित को दफ्तर आना ज्यादा जरूरी है, लेकिन उनकी तबीयत खराब है। फिलहाल कांग्रेस में सब भगवान भरोसे चल रहा है।