नागरिकता संसोधन कानून को लेकर दिल्ली में शुरू हुई हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही। लगातार प्रदर्शनकारी इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दे रहे हैं। जाफराबाद, मौजपुर सहित कई इलाकों में सोमवार को हिंसा के बाद एक बार फिर मंगलवार को भी भजनपुरा चौक में दो गुटों में पथराव शुरू हो गया।
भजनपुरा में दो गुट आमने-सामने आ गए और उन्होंने जमकर पत्थरबाजी की। इसके बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया जा चूका हैं। सुरक्षा के मद्देनजर करावल नगर की सड़क पर यातायात को दोनों तरफ से रोक दिया है। सोमवार को शुरू हुई इस हिंसा में अब तक एक पुलिसकर्मी सहित 7 लोगों की मौत हो चुकी है।

बता दें की दिल्ली के जाफराबाद और मौजपुर में सोमवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का समर्थन करने वाले और विरोध करने वाले समूहों के बीच संघर्ष ने सांप्रदायिक रंग ले लिया था और इसमें करीब 150 लोग घायल हुए थे। इलाके में तनाव कायम होने के चलते स्कूल बंद है और डर के कारण लोग भी घरों से बाहर नहीं निकले।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाके में एक महीने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गयी है, जिसके तहत चार या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठे होने पर रोक है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार को जाफराबाद, मौजपुर, चांदबाग, खुरेजी खास और भजनपुरा में हुई हिंसा में 48 पुलिस कर्मी ओर 98 नागरिक घायल हो गए। इस इलाके में आग बुझाने पहुंचे तीन दमकल कर्मी भी घायल हो गए।

हिंसक घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ कर सात हो गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिंसा में छह नागरिक और दिल्ली पुलिस हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की जान चली गई। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रतनलाल की मौत चांदबाग में पथराव में घायल होने से हुई या किसी और कारण से। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय राजधानी में होने के कारण दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
अर्धसैनिक बल के जवानों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस कर्मी सौहार्द बहाल करने के लिए स्थानीय शांति समितियों की मदद ले रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ असामाजिक तत्वों से मौके पर ही कड़ाई से निपटा जा रहा है।’’ अभी तक इस संबंध में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।


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