जाफराबाद में CAA को लेकर पथराव, गाड़ियों में लगाई गई आग, एक पुलिसकर्मी की मौत

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उत्तर-पूर्व दिल्ली के दस जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गयी है। बताया जा रहा है चांद बाग में भी प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आग लगाई है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद और मौजपुर इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने कम से कम दो घरों में आग लगा दी, जिससे तनाव और बढ़ गया है। इन इलाकों में सोमवार को लगातार दूसरे दिन सीएए समर्थक और विरोधी समूहों के बीच झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस पर पथराव के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद में कई गाड़ियों में भी आग लगा दी। वहीं इस पथराव के दौरान रतनलाल नाम के हेड कांस्टेबल की मौत हो गयी है।
उत्तर-पूर्व दिल्ली के दस जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गयी है। बताया जा रहा है चांद बाग में भी प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आग लगाई है। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने इलाके में लगी आग बुझाते समय दमकल की एक गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। दिल्ली मेट्रो ने इलाके में तनाव के बीच जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए।

डीएमआरसी ने ट्वीट कर कहा , ‘‘जाफराबाद तथा मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।’’ जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार पिछले 24 घंटों से बंद हैं। बता दें सीएए के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रविवार को सड़क अवरुद्ध कर दी थी जिसके बाद जाफराबाद में सीएए के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प शुरू हो गई थी।

दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी ऐसे ही धरने शुरू हो गए हैं। मौजपुर में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक सभा बुलाई थी जिसमें मांग की गयी थी कि पुलिस तीन दिन के भीतर सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को हटाए, इसके तुरंत बाद दो समूहों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

Desk Team