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सुप्रीम कोर्ट ने मांगे वकील-पुलिस झड़प और विरोध से संबंधित हाई कोर्ट के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष और इसके बाद पुलिस मुख्यालय पर पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन से संबंधित दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पेश करने का सोमवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि चूंकि हाई कोर्ट पहले से ही इस पर विचार कर रहा है, इसलिए वह समानांतर कार्यवाही नहीं करना चाहती। 

पीठ पुलिस मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कुछ वकीलों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता जी एस मणि से कहा कि वह इस मामले की सुनवाई कर रहे हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेशों को देखना चाहती है। 

पीठ ने कहा, ‘‘हम आपकी याचिका अभी खारिज नहीं कर रहे हैं। आप हाई कोर्ट के आदेश पेश करें। हम देखना चाहते हैं कि हाई कोर्ट ने क्या किया है और क्या इसमें कुछ और करने की जरूरत है।’’ पीठ ने इसके साथ ही इस मामले को 16 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया। 

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तीस हजारी कोर्टपरिसर में दो नवंबर को पार्किंग को लेकर हुए विवाद में वकीलों और पुलिस के बीच संघर्ष हो गया था। इस संघर्ष में करीब 20 पुलिसकर्मी और अनेक वकील जख्मी हो गए थे जबकि 17 वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। इस घटना के दो दिन बाद सभी छह जिला अदालतों के वकीलों ने हड़ताल कर दी थी। यह हड़ताल 15 नवंबर तक चली थी। 

इस बीच, पांच नवंबर को हजारों पुलिसकर्मियों ने अपने सहयोगियों पर वकीलों के कथित दो हमलों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए 11 घंटे तक दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पर अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट परिसर की घटना के बारे में मीडिया की खबरों का स्वत: ही संज्ञान लेते हुए इसकी न्यायिक जांच का आदेश दिया और अपने पूर्व न्यायाधीश एस पी गर्ग को सारे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी।