पूर्वी दिल्ली : शास्त्री पार्क चौक पर ई-रिक्शा चालकों आतंक चरम पर है। शास्त्री पार्क रूट पर न सिर्फ अधिकांश अवैध ई-रिक्शा चलते हैं, बल्कि उन्होंने सभी नियम कानूनों को ताक पर रखकर मुख्य सड़क पर कब्जा कर रखा है। जिसका खामियाजा यहां से गुजरने वाले आम लोगों को भुगतना पड़ता है। कई बार तो ऐसा होता है कि गाड़ियों में मरीज व गर्भवती महिलाएं होती हैं, और ई-रिक्शा चालक गाड़ी को निकलने के लिए जगह तक नहीं देते।

कोई विरोध करे तो उल्टा एकजुट होकर उससे लड़ने मरने के लिए तैयार हो जाते हैं। हैरानी तो इस बात की होती है कि यह सब शास्त्री पार्क चौक पर शाहदरा ट्रैफिक सर्किल के शास्त्री पार्क ट्रैफिक बूथ के ठीक सामने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में होता है। मजाल है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी उनके खिलाफ कुछ बोल जाएं या कार्रवाई करें।

ई-रिक्शा चालकों का चालान क्यों नहीं
स्थानीय निवासी विनोद जैन का कहना है कि जब शास्त्री पार्क चौक पर शाहदरा ट्रैफिक सर्किल के जवान अन्य वाहनों को रोककर उनका चालान करते हैं, तो फिर उन्हें ये ई-रिक्शा चालक नजर क्यों नहीं आते। क्यों उनसे कोई सांठ-गांठ है। जिसके चलते उन पर रहमदिली की जाती है।

दिखाते हैं गुंडागर्दी…
शास्त्री पार्क इलाके में ही रहने वाले ऑटो चालक नीरज ने बताया कि शास्त्री पार्क से गांधी नगर, गीता कॉलोनी, यमुना बाजार, लाल किला और लाजपत नगर के लिए ई-रिक्शा सवारी लेकर चलते हैं। मगर वे सवारी का इंतजार करने के लिए लाइन से खड़े होने की बजाए शास्त्री पार्क की सर्विस लेन के मार्ग और सड़क के बड़े हिस्से को घेरकर खड़े हो जाते हैं।

ई-रिक्शा में आठ-आठ सवारी बैठाते हैं। जब तक रिक्शो में आखरी सवारी न बैठ जाए, आगे बढऩे के लिए तैयार नहीं होते। जो कोई विरोध करता है उससे लड़ने के लिए तैयार रहते हैं। नीरज का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस और सीएम को पत्र भी लिखा। मगर कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि प्वाइंट पर हमेशा ऑटो चालक लाइन से खड़े होते हैं, किसी को कोई दिक्कत तक नहीं होने देते।

अतिव्यस्त चौक है शास्त्री पार्क
शास्त्री पार्क चौक उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे अतिव्यस्त चौराहों में से एक है। इस चौक पर से सोनिया विहार, सभापुर, खजूरी, भजनपुरा, भोपुरा, सीलमपुर और अप्सरा बॉडर से कश्मीरीगेट जाने वाले लाखों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में जब ई-रिक्शा चालक सड़क के बड़े हिस्से पर कब्जे कर बेतरतीब तरीके से खड़े हो जाते हैं, तो लंबा जाम लग जाता है।

– वसीम सैफी