नई दिल्ली : अगर टीवी और फिल्मी दुनिया को लोग सच मानते और इससे लोगों की मानसिकता बदलती तो मैं सबसे पहले ‘उरी’ फिल्म राहुल गांधी को दिखाती। उक्त बातें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘अर्थ’ में कहीं।

स्मृति ईरानी ने अपने टीवी कलाकार के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आपके बच्चे क्या करेंगे और क्या बनेंगे यह टीवी नहीं, बल्कि आप तय करेंगे। वहीं उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से अपने बच्चों के लिए समय जरूर निकालने के लिए भी कहा। भारत के पहले बहु क्षेत्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में ‘नारीवाद और परंपरा’ के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्मृति ईरानी के साथ-साथ फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन भी कार्यक्रम में पैनलिस्ट के तौर पर उपस्थित रहीं।

इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न सत्रों में धार्मिक, सामाजिक और पारंपरिक मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें ‘नारीवाद और परंपरा संगत या बाधा’ सत्र महत्वपूर्ण सत्र रहा। रवीना टंडन ने कहा कि आज के इस दौर में महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होने में समर्थ हैं और खड़ी भी हैं। वहीं वह सभी परंपराओं का सम्मान करती हूं।

महिलाओं की क्षमता पर सवाल नहीं
इस मौके पर ईरानी ने कहा कि महिलाओं की क्षमता पर कभी भी सवाल नहीं उठाए जा सकते। इतिहास गवाह है कि जब-जब पुरुषों पर मुसीबत आई है तो महिलाएं बहन, पत्नी और एक मां के रूप में उनके साथ खड़ी रही हैं। रानी लक्ष्मीबाई अपने पुत्र को सीने से बांधकर युद्ध भूमि में कूद गई थीं। उनका यह साहस महिलाओं की क्षमता को दर्शाता है।