BREAKING NEWS

दिल्ली : सरिता विहार और जसोला में शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग◾पहले शाहीन बाग, फिर जाफराबाद और अब चांद बाग में CAA के खिलाफ धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी ◾ट्रम्प की भारत यात्रा पहले से मोदी ने किया ट्वीट, लिखा- अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए उत्साहित है भारत◾सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों ने देश के कानूनी और संवैधानिक ढांचे को किया मजबूत : राष्ट्रपति कोविंद ◾Coronavirus के प्रकोप से चीन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2400 पार ◾शाहीन बाग प्रदर्शन को लेकर वार्ताकार ने SC में दायर किया हलफनामा, धरने को बताया शांतिपूर्ण◾मन की बात में बोले PM मोदी- देश की बेटियां नकारात्मक बंधनों को तोड़ बढ़ रही हैं आगे◾बिहार में बेरोजगारी हटाओ यात्रा के खिलाफ लगे पोस्टर, लिखा-हाइटैक बस तैयार, अतिपिछड़ा शिकार◾भारत दौरे से पहले दिखा राष्ट्रपति ट्रंप का बाहुबली अवतार, शेयर किया Video◾CAA के विरोध में दिल्ली के जाफराबाद में प्रदर्शन जारी, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात ◾जाफराबाद में CAA के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर कपिल मिश्रा का ट्वीट, लिखा-मोदी जी ने सही कहा था◾US में निवेश कर रहे भारतीय निवेशकों से मुलाकात करेंगे Trump◾कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पाक राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से की मुलाकात◾J&K के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करता हूं : राजनाथ सिंह◾1 मार्च से नहीं मिलेंगे 2000 रुपये के नोट, इस सरकारी बैंक ने लिया बड़ा फैसला !◾इलाहाबाद रेलवे डिवीजन हुआ प्रयागराज रेलवे डिवीजन ◾GSI ने सोनभद्र को लेकर किया खुलासा , कहा - 3 हजार टन नहीं, 160 किलो सोना निकलने की संभावना◾कांग्रेस के शीर्ष नेता, पार्टी का बड़ा वर्ग चाहता है कि राहुल फिर बनें अध्यक्ष : सलमान खुर्शीद◾मायावती ने Modi सरकार पर बोला हमला, कहा - आरक्षण को ‘धीमी मौत’ दे रही है BJP◾देश के 20 राज्यों में AAP पार्टी शुरू करेगी राष्ट्र निर्माण अभियान◾

तीस हजारी कांड : 'अब कैदी भी बन सकते हैं गवाह, ईश्वर का शुक्रिया कोर्ट लॉकअप में बंद कैदी बच गए वरना...'

तीस हजारी अदालत में शनिवार को हुए गोलीकांड के मुद्दे पर आज दिन में दिल्ली हाईकोर्ट के कुछ जज और दिल्ली पुलिस आयुक्त के बीच विशेष बैठक होने की संभावना है। हालांकि इस बैठक को लेकर दिल्ली पुलिस और न ही दिल्ली हाईकोर्ट से कोई बोलने को तैयार है। इस खास बैठक का मकसद मामले को आगे न बढ़ने देने की कवायद करना होगा। आगे की कानूनी कार्यवाही में किन-किन बिंदुओं को प्रमुखता से देखना है? इन सवालों का जवाब भी इसी बैठक में तलाशने की कोशिश की जाएगी। 

उधर दोनों ही तरफ से शनिवार को पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा गठित क्राइम ब्रांच की एसआईटी, सीएफएसएल रिपोर्ट और मौके पर लगे सीसीटीवी में कैद फुटेज जांच में अहम भूमिका निभाएंगे। जांच के लिए गठित एसआईटी के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर रविवार को कहा, "दरअसल पूरा घटनाक्रम बेहद पेचीदा है। जांच करना भी आसान नहीं होगा। जांच में जरा सी चूक फिर कोई नया विवाद खड़ा कर सकती है। लिहाजा ऐसे में जांच वैज्ञानिक तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयानों के आधार पर ही किया जाना बेहतर होगा।" 

एसआईटी इस बात से भी इंकार नहीं कर रही है कि, "घटना वाले वक्त कोर्ट लॉकअप में बंद कई विचाराधीन कैदियों को भी गवाह बनाया जाए। वजह, वकीलों द्वारा की गई मारपीट, आगजनी के वे भी भुक्तभोगी हैं। वकीलों ने जब वाहनों को आग में फूंकना शुरू किया था तो जलते हुए टायरों का धुंआ कैदी लॉकअप में भी पहुंच गया। लॉकअप में कैदियों की संख्या पहले से ही ज्यादा होती है। जबकि उसके भीतर जगह बेहद कम होती है। ऐसे में जहरीले धुंए से कैदियों का दम घुटने लगा था।" 

हालांकि लॉकअप की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे ही देखा कि लॉकअप के भीतर बंद कैदियों की जान को भी खतरा है, पुलिस ने मानव श्रंखला बनाकर उन सबको एक दूसरी जगह पर ले जाकर सुरक्षित किया। घटनास्थल पर मौजूद एक आला पुलिस अफसर ने रविवार को बताया, "अगर कैदियों को वक्त रहते लॉकअप से सुरक्षित न निकाल लिया होता, तो हालात बेकाबू हो सकते थे। मौके का फायदा उठाकर कैदी भाग भी सकते थे। या फिर अगर भीड़ और कैदी आमने-सामने आ जाते तो क्या कुछ हो सकता था?

इसकी कल्पना से ही रुह कांप जाती है। बात जहां पर भी पहुंचकर थमी वही सही है। साथ ही कोई कैदी धुंए के कारण बेहोश नहीं हुआ। किसी को भागने का मौका नहीं मिला, या फिर किसी कैदी ने भागने की कोशिश ही नहीं की, यही सहयोग बहुत रहा। वरना पुलिस को वकीलों से मोर्चा लेने के साथ-साथ कैदियों से भी दूसरा मोर्चा खोलना पड़ जाता।" 

तीस हजारी हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की