नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पत्र लिखकर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर 10 सवाल पूछे हैं। महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने की व्यवहारिकता पर सवाल पूछते हुए उन्होंने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर श्वेत्र पत्र जारी करने की मांग की है जिससे दिल्ली वालों के समक्ष केजरीवाल की इस झूठी घोषणा का पर्दाफाश हो सके। दिल्ली वालों को भी पता चल सके कि केजरीवाल किस तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
तिवारी ने महिलाओं की मुफ्त यात्रा को चुनावी घोषणा करार देते हुए कहा कि दिल्ली में बसों की कमी से टैक्सी और ऑटो की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। केजरीवाल दिल्ली के नागरिकों से 2000 करोड़ रुपये सेस टैक्स के रूप में वसूलते हैं। उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि 10 फरवरी, 2015 को दिल्ली में टीडीसी और कलस्टर बसों की संख्या कितनी थी और इसमें कितनी बसें चालू हालत में थीं ? आज टीडीसी और कलस्टर बसों की संख्या कितनी रह गई हैं ?
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया किया कि लो-फ्लोर बसें 10 साल पुरानी हो गई हैं, इनके रखरखाव में सरकार कितने पैसे खर्च कर रही है यह सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि 2014-15 से अभी तक दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों पर तीनों निगमों द्वारा दिल्ली सरकार को कितना सेस टैक्स मिला और दिल्ली सरकार ने इन पैसों का किस मद में इस्तेमाल किया इसकी जानकारी केजरीवाल सरकार को सार्वजनिक करना चाहिये ?
तिवारी ने केजरीवाल से सवाल पूछते हुए यह भी कहा कि इस अवधि में दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए कितनी बसें चलाई गईं और महिलाओं के लिए मेट्रो में कितने विशेष कोच लगाए गए ? केजरीवाल की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए तिवारी ने पूछा कि आज दिल्ली मेट्रो फेज-4 के अनुमोदन के लिए कितना पैसा खर्च किया जाना है इसकी जानकारी भी दिल्ली के लोगों को होनी चाहिए ?
परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए और उनमें कितनी सफलता मिली ? टैक्स के रूप में दिल्ली के लोगों द्वारा मोटी रकम वसूले जाने के बाद भी दिल्ली सरकार ने धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए क्या कारगर कदम उठाए हैं, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए?


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