नई दिल्ली : प्रदेश भाजपा में इन दिनों कार्यकर्ता क्या करें, क्या न करें के दौर से गुजर रहे हैं। दरअसल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री विजय गोयल का हर दिन कोई न कोई कार्यक्रम दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में रहता है। ऐसे में वे सांसद से लेकर कार्यकर्ताओं को आमंत्रित भी करते हैं, लेकिन उनके यहां शिरकत करने वाले कार्यकर्ता कई बार दोराहे पर खड़े हो जाते हैं। ऐसा इसलिए की उन्हें कई बार कार्यक्रमों में जाने पर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष का भी कोपभाजन होना पड़ जाता है।

ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल के जुदा-जुदा अंदाज राजनीतिक गलियारे में गुटबाजी को हवा देते हैं। आगामी शुक्रवार को तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले राष्ट्रीय व्यापारी धन्यवाद महासम्मेलन को लेकर निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया से लेकर अनेक कार्यकर्ताओं को भेजा गया है। सूत्रों की माने तो गोयल पर व्यापारियों के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम को हाईजैक करने का आरोप लग रहा है। चर्चा है कि इसे लेकर प्रदेश के कुछ नेताओं ने आपत्ति दर्ज करवाई थी।

विजय गोयल का पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के नाते मोह छूटने का नाम नहीं लेता है। कभी उनके दिल्ली का सीएम बनने की चर्चा होती है तो उससे मनोज तिवारी भी आशंकित रहते हैं। प्रदेश कार्यालय से लेकर पंत मार्ग तक चर्चा रहती है कि विजय गोयल के चलते मनोज तिवारी खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर पाते हैं। वहीं विजय गोयल जमीनी नेता होने के नाते हर मौके को भुनाना जानते हैं। इसे उनकी महत्वकांक्षी कहिए या हुनरमंद, लेकिन ‘एकला चलो’ की उनकी नीति ने कई सांसदों से लेकर बड़े नेताओं की नाक में दम कर रखा है।