BREAKING NEWS

भारत ड्रोन का इस्तेमाल वैक्सीन पहुंचाने के लिए करता है, केंद्रीय मंत्री ने साधा पाकिस्तान पर निशाना ◾सोमवार से दिल्ली में फिर खुलेंगे स्कूल, उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने दी जानकारी◾UP: प्रतिज्ञा रैली में BJP पर जमकर गरजी प्रियंका, बोली- 'इनका काम केवल झूठा प्रचार करना'◾राजनाथ ने मायावती और अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा- उप्र को न बुआ और न बबुआ चाहिए, सिर्फ बाबा चाहिए◾कांग्रेस नेता आजाद ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- केंद्र शासित प्रदेश बनने से DGP को थानेदार और सीएम को MLA... ◾ट्रेक्टर मार्च रद्द करने के बाद इन मुद्दों पर अड़ा संयुक्त किसान मोर्चा, कहा - विरोध जारी रहेगा ◾ओमिक्रोन कोरोना का डर! PM मोदी बोले- अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के फैसले की फिर हो समीक्षा◾अक्षर और अश्विन की फिरकी के जाल में फंसा न्यूजीलैंड, पहली पारी में 296 रनों पर सिमटी कीवी टीम ◾'जिहाद यूनिवर्सिटी': पाकिस्तान का वो मदरसा जिसके पास है अफगानिस्तान में काबिज तालिबान की डोर◾अखिलेश यादव ने किए कई चुनावी ऐलान, बोले- अब जनता BJP का कर देगी सफाया ◾संसद में बिल पेश होने से पहले किसानों का बड़ा फैसला, स्थगित किया गया ट्रैक्टर मार्च◾दक्षिण अफ्रीका में बढ़ते नए कोरोना वेरिएंट के मामलों के बीच पीएम मोदी ने की बैठक, ये अधिकारी हुए शमिल ◾कोरोना के नए वैरिएंट को राहुल ने बताया 'गंभीर' खतरा, कहा-टीकाकरण के लिए गंभीर हो सरकार◾बेंगलुरू से पटना जा रहे विमान की नागपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, 139 यात्री और क्रू मेंबर थे सवार ◾कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलन का कोई औचित्य नहीं : नरेंद्र सिंह तोमर ◾NEET PG काउंसलिंग में देरी को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल, दिल्ली में ठप पड़ी 3 अस्पतालों की OPD सेवांए◾नवाब मलिक ने किया दावा, बोले- अनिल देशमुख की तरह मुझे भी फंसाना चाहते हैं कुछ लोग◾वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं को जबरन चंदन-टीका लगाकर मांगते थे दक्षिणा, प्रशासन ने लगाई रोक ◾दिल्ली : MCD कर्मियों को मुर्गा बनाने वाले पूर्व MLA आसिफ मोहम्मद खान गिरफ्तार◾छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने उखाड़ा रेलवे ट्रैक, पटरी से उतरे 3 इंजन और 20 डिब्बे ◾

बूथ सम्मेलन से क्या दिल्ली चुनाव में भाजपा को मिलेगी संजीवनी

नई दिल्ली : बूथ सम्मेलन को लेकर भाजपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं क्योंकि लोकसभा चुनाव से पूर्व भी दिल्ली में यह सम्मेलन किया गया था और भाजपा सातों सीटों पर विजयी रही थी। हालांकि वह लोकसभा का चुनाव था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर लड़ा गया था, लेकिन दिल्ली के चुनाव में क्षेत्रीय मुद्दे ज्यादा हावी रहेंगे। फिर भी भाजपा केन्द्र में मोदी सरकार की योजनाओं को लेकर घर-घर पहुंचेगी। 

माना जा रहा है कि बूथ सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह चुनाव लड़ने की दिशा तय करेंगे और साथ ही कार्यकर्ताओं में जोश का संचार भी करेंगे। दिल्ली में 13750 बूथ कार्यकर्ता इंदिरा गांधी स्टेडियम आगामी पांच जनवरी को पहुंचेंगे। 

इनके अलावा सांसद, पार्षद, पूर्व विधानसभा चुनाव प्रत्याशी, मंडल अध्यक्ष, बूथ संयोजक, जिला बूथ संयोजक, लोकसभा बूथ संयोजक, बूथ प्रबंधन दिल्ली विभाग और शहरी केन्द्र प्रमुख, मोर्चा और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। दरअसल भाजपा को हर चुनाव में 32 से 34 फीसद वोट मिलते हैं, लेकिन दिल्ली चुनाव जीतने के लिए 51 फीसद वोट पाने का पार्टी ने लक्ष्य रखा गया है। 

इसके लिए बूथ प्रबंधन विभाग ने 2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव, 2017 नगर निगम चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव परिणाम पर विस्तृत मंथन किया। बूथ स्तर पर लोकसभा चुनाव में मिली अपार सफलता के बाद भाजपा इस बार भी बूथ कार्यकर्ताओं के दम पर चुनावी रण में उतरेगी।

बूथों को श्रेणी में बांटा 

इसके लिए विभाग द्वारा ए-बी-सी तीन श्रेणी बनाई गई हैं। इनमें ए श्रेणी के बूथ वे हैं जहां पार्टी हमेशा विजयी होती है, बी श्रेणी में पार्टी का बूथों पर अच्छा प्रदर्शन रहता है और सी श्रेणी जिसमें हारते हैं या एक ही बूथ पर विजयी होते हैं। इस बार लक्ष्य रखा गया है कि भाजपा को ए श्रेणी वाले बूथों पर 85 फीसद तक वोट मिलें, बी श्रेणी वाले बूथों पर 51 फीसद से अधिक वोट मिलें और सी श्रेणी वाले बूथों पर कम से कम 100 नए वोटर भाजपा के पक्ष में जोड़े जाएं। 


खराब प्रदर्शन वाले बूथों पर सुधार के लिए बूथ प्रबंधन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है और समय न देने वाले या निष्क्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं के बदले युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप दी है।


30 हजार कार्यकर्ता जुटेंगे

अनुमान है कि पांच जनवरी को करीब 30 हजार कार्यकर्ता इंदिरा गांधी स्टेडियम में जुटेंगे और हर कार्यकर्ता को पहचान पत्र जारी किया जाएगा जिससे चीजें व्यवस्थित रूप से बनी रहें। 30 हजार कार्यकर्ता आगे कम से कम दस कार्यकर्ताओं को अपने स्तर पर जोड़ेंगे। 

माना जा रहा है कि बूथ सम्मेलन के बाद हर बूथ पर बूथ अध्यक्ष, पालक, बीएलए2, महिला और युवा की टीम आगे और कार्यकर्ताओं को जोड़ेगी। बूथ कार्यकर्ताओं के जोश के चलते ही भाजपा को लोकसभा चुनाव में 12 हजार बूथों पर और निगम चुनाव में नौ हजार बूथों पर सफलता मिली थी।