BREAKING NEWS

UP : सलमान खुर्शीद बोले- आगामी चुनाव में जनता नफरत और बंटवारे की राजनीति करने वालों को घर बिठाएगी◾पंजाब के राज्यपाल से मिले चरणजीत सिंह चन्नी, कल सुबह 11 बजे लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ◾चरणजीत चन्नी होंगे पंजाब के नए मुख्यमंत्री, रंधावा ने हाईकमान के फैसले का किया स्वागत◾महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- वोट लेने के लिए पाकिस्तान का करती है इस्तेमाल ◾आतंकियों की नापाक साजिश होगी नाकाम, ड्रोन के लिए काल बनेगी ‘पंप एक्शन गन’! सरकार ने सुरक्षा बलों को दिए निर्देश◾TMC में शामिल होने के बाद बाबुल सुप्रियो ने रखी दिल की बात, बोले- जिंदगी ने मेरे लिए नया रास्ता खोल दिया है ◾सिद्धू पर लगे एंटीनेशनल के आरोपों पर BJP का सवाल, सोनिया और राहुल चुप क्यों हैं?◾सुखजिंदर रंधावा हो सकते पंजाब के नए मुख्यमंत्री, अरुणा चौधरी और भारत भूषण बनेंगे डिप्टी सीएम◾इस्तीफा देने से पहले सोनिया को अमरिंदर ने लिखी थी चिट्ठी, हालिया घटनाक्रमों पर पीड़ा व्यक्त की◾सिद्धू के सलाहकार का अमरिंदर पर वार, कहा-मुझे मुंह खोलने के लिए मजबूर न करें◾पंजाब : मुख्यमंत्री पद की रेस में नाम होने पर बोले रंधावा-कभी नहीं रही पद की लालसा◾प्रियंका गांधी का योगी पर हमला, बोलीं- जनता से जुड़े वादों को पूरा करने में असफल क्यों रही सरकार ◾पंजाब कांग्रेस की रार पर बोली BJP-अमरिंदर की बढ़ती लोकप्रियता के डर से लिया गया उनका इस्तीफा◾कैप्टन के भाजपा में शामिल होने के कयास पर बोले नेता, अमरिंदर जताएंगे इच्छा, तो पार्टी कर सकती है विचार◾कौन संभालेगा पंजाब CM का पद? कांग्रेस MLA ने कहा-अगले 2-3 घंटे में नए मुख्यमंत्री के नाम का होगा फैसला◾पंजाब में हो सकती है बगावत? गहलोत बोले-उम्मीद है कि कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाला कदम नहीं उठाएंगे कैप्टन ◾CM योगी ने साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर गिनाईं अपनी सरकार की उपलब्धियां◾राहुल ने ट्वीट किया कोरोना टीकाकरण का ग्राफ, लिखा-'इवेंट खत्म'◾अंबिका सोनी ने पंजाब CM की कमान संभालने से किया इनकार, टली कांग्रेस विधायक दल की बैठक◾अफगानिस्तान में आगे बुनियादी ढांचा निवेश को जारी रखने के बारे में पीएम मोदी करेंगे निर्णय : नितिन गडकरी◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

कृषि कानूनों के खिलाफ 22 जुलाई से जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे: किसान यूनियन

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का विरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर पिछले आठ महीने से धरने पर बैठे किसान अब जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। कृषि कानूनों को वापिस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान यूनियन ने इस बार खास तैयारी की है। 

किसान यूनियन के एक नेता ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि किसान कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और कोई भी प्रदर्शनकारी संसद नहीं जाएगा जहां मानसून सत्र चल रहा है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने बताया कि 22 जुलाई से प्रत्येक दिन 200 किसान पहचान पत्र लगाकर सिंघू सीमा से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के लिए जाएंगे।

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे 40 से अधिक किसान यूनियन के संयुक्त निकाय संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने योजना बनाई थी कि 22 जुलाई से हर दिन लगभग 200 किसान मानसून सत्र के दौरान संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ और 13 अगस्त को समाप्त होगा।

कक्का ने कहा, ‘‘हमने पुलिस को सूचित कर दिया है कि मानसून सत्र के दौरान हर दिन 200 किसान सिंघू सीमा से बसों में जंतर-मंतर जाएंगे। यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा और प्रदर्शनकारियों के पास पहचान का बैज होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब पुलिस ने हमें प्रदर्शनकारियों की संख्या कम करने के लिए कहा, तो हमने उन्हें कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा और आश्वासन भी दिया कि विरोध शांतिपूर्ण होगा।’’

उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से अभी तक कोई लिखित सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस को सूचित किया गया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। हम पूर्वाह्न 10 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर पर बैठेंगे। कोई भी संसद नहीं जाएगा और न ही हम किसी राजनीतिक व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन में आने दिया जाएगा।’’

26 जनवरी को दिल्ली में एक ट्रैक्टर परेड, जो तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए किसान यूनियनों की मांगों को उजागर करने के लिए थी, राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर अराजक हो गई थी क्योंकि हजारों प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिये थे, पुलिस से भिड़ गए थे और लाल किले की प्राचीर पर एक धार्मिक ध्वज फहराया था। रविवार को हुई एक बैठक के दौरान, दिल्ली पुलिस ने किसान यूनियनों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या कम करने के लिए कहा था, लेकिन किसान यूनियन के नेताओं ने इसे अस्वीकार कर दिया था।

एक दिन बाद, एसकेएम ने दिल्ली पुलिस पर संसद के बाहर उनके विरोध प्रदर्शन को 'संसद घेराव' बताते हुए इसके बारे में दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। एसकेएम ने एक बयान में कहा था कि एसकेएम ने पहले ही कहा है कि संसद के घेराव की कोई योजना नहीं है और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित होगा।

एसकेएम ने पहले कहा था कि मानसून सत्र शुरू होने से दो दिन पहले, सभी विपक्षी सांसदों को सदन के अंदर कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए एक Òचेतावनी पत्रÓ जारी किया जाएगा। देशभर के हजारों किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे हैं, उनका दावा है कि यह न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म कर देगा, उन्हें बड़े कार्पोरेट घरानों की दया पर छोड़ देगा।