नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें महिला सुरक्षा के लिए और काम करना होगा। समस्याओं के बाद भी आप सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि छह साल पहले 16 दिसबंर, 2012 को हुआ निर्भया कांड एक जघन्य और सबसे खराब अपराध है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निर्भया को अपने जेहन में याद रखने के लिए सिर्फ एक काम करना होगा वह है महिलाओं की सुरक्षा। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक मजबूत संघर्ष सुनिश्चित करने की बात कही। केजरीवाल ने कहा कि इस रास्ते में जितनी भी रुकावटे हों उसके बावजूद हमें इसे हासिल करना होगा।

बता दें कि छह साल पहले 16 दिसबंर, 2012 को दिल्ली की सड़कों पर इंसानियत शर्मसार हुई थी। दरिंदों ने एक चार्टर्ड बस में 23 वर्षीया फीजियोथेरेपिस्ट के साथ हैवानियत की हदें पार कर दीं थीं। इस घटना में पांच युवक शामिल थे।

पीएम को लिखा पत्र
निर्भया कांड की छठी बरसी पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में स्वाति ने 12 साल तक की बच्चियों से रेप करने वालों को फांसी की सजा देने वाले कानून के पालन के लिए जल्द से जल्द उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की मांग करते हुए कहा कि यही निर्भया को सच्ची श्रद्धांजली होगी।

स्वाति का कहना है कि फरवरी 2018 में केंद्र सरकार ने 12 साल तक की बच्चियों से रेप पर एक कानून बनाते हुए अगले तीन महीने में इसके लिए पुलिस व्यवस्था सदृढ़ करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का वादा किया था, जो दस महीने बाद भी सिर्फ वादा ही है। इसके अभाव में कानून कागजों में सिमट कर रह गया है।

इसके तहत पिछले दस महीने में एक बलात्कारी को फांसी की सजा नहीं हुई। और तो और छह बाद भी निर्भया के दोषियों को भी फांसी नहीं हो पाई है। उन्होंने सवाल किया कि महिला सुरक्षा कानूनों के वास्तविक कार्यान्वयन की जांच के लिए गृहमंत्री, एलजी, दिल्ली के मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्नर और दिल्ली महिला आयोग को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय कमेटी क्यों नहीं बनायी जा रही है?

आखिर क्यों निर्भया फंड का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है? महिला सुरक्षा को देश का ज्वलंत मुद्दा करार देते हुए उन्होंने पीएम से अनुरोध किया कि वे संवेदनशीलता दिखाएं।