BREAKING NEWS

तेलंगाना में भाजपा ने चौंकाया, जीतीं चार लोकसभा सीटें ◾जदयू अरुणाचल प्रदेश में भाजपा को देगी पूर्ण समर्थन: के सी त्यागी ◾Lok Sabha Election 2019: केरल की कुल 20 में से 15 सीटों पर कांग्रेस का कब्ज़ा, रिकॉर्ड मतों से जीते राहुल गांधी◾लोकसभा चुनाव में एकतरफा जीत के बाद मोदी को वैश्विक नेताओं ने दी बधाई ◾LIVE दिल्ली चुनाव 2019 : दिल्ली की सातों सीट पर बीजेपी का कब्ज़ा◾विस चुनावों में संथाल की सभी 18 सीटें जीतकर गुरूजी की हार का बदला लेंगे : झामुमो ◾लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 - चंडीगढ़ , दादर नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा , लक्क्षदीप ◾वाईएसआरसी 80 सीट पर जीती, 70 पर आगे ◾Lok sabha election 2019 : मोदी की आंधी में बुझ गया लालटेन◾सिक्किम में 24 साल बाद पवन चामलिंग का दौर खत्म ◾LIVE : लोकसभा चुनाव नतीजे 2019 - हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ किया ◾LIVE : लोकसभा चुनाव नतीजे 2019, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सोनीपत से चुनाव हारे ◾लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 LIVE : मोदी लहर का असर ,कई राज्यों में कांग्रेस का हुआ सूपड़ा साफ◾18 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में कांग्रेस का कोई सांसद नहीं, हारी सभी सीटें◾Lok sabha election 2019 : देश के लोगों ने इस फ़कीर की झोली को भर दिया : पीएम मोदी ◾LIVE लोकसभा चुनाव 2019 : पंजाब - सन्नी देओल ने गुरदासपुर सीट जीती पर कांग्रेस जीती आठ सीटें ◾Lok sabha election 2019 : प्रधानमंत्री की विजयी बढ़त पर केजरीवाल ने मोदी को बधाई दी ◾LIVE लोकसभा चुनाव 2019 : महाराष्ट्र - पार्थ पवार हारे , भाजपा - शिवसेना 13 सीट जीते , 28 पर आगे ◾Lok sabha election 2019 : भाजपा की बढ़त बरकरार : रिकॉर्ड मतों से जीते प्रधानमंत्री मोदी ◾चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा ◾

जीएसटी में भी सेंधमारी

देश में कर सुधार की दिशा में काफी चिन्तन-मंथन करने के बाद जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवाकर प्रणाली लागू की गई थी। ‘एक राष्ट्र-एक कर’ प्रणाली को इसलिए लागू किया गया था ताकि राजस्व बढ़े और कर की चोरी रुके लेकिन टैक्स की चोरी करने वाले कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। भारत में कोई भी प्रणाली फुलप्रूफ नहीं है, इस बात का अन्दाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कर चोरों ने जीएसटी में भी सेंध लगा डाली है। केन्द्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में जीएसटी की करीब 20 हजार करोड़ रुपए की चोरी पकड़ी गई जिसमें से करीब आधी राशि वसूली जा चुकी है।

अब तक की छानबीन में सरकार ने चोरी के नए-नए तरीकों का पता लगाया है। नई प्रत्यक्ष कर प्रणाली के प्रावधानों के लिए टैक्स चोरों ने भी कई तरह की काट निकाल ली है, जिनका पैटर्न वैट प्रणाली से मिलता-जुलता है। चिन्ता की बात तो यह है कि ई-पे बिल जैसे कड़े उपायों से बच निकलने के रास्ते भी अपनाए जा रहे हैं। इसके अलावा फर्जी कम्पनियां बनाकर चोरी का धंधा किया जा रहा है। ऐसी कम्पनियों में छद्म निदेशक नियुक्त किए जा रहे हैं। कुछ व्यापारी कम्पोजिशन योजना में होने के बावजूद पूरा कर वसूल करते हैं। कुछ ऐसी कम्पनियां हैं जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, ऐसी कम्पनियों का पता गोपनीय रखा जाता है।

एक तरफ ग्राहकों से जीएसटी ली जाती है लेकिन यह सरकार तक नहीं पहुंच पाती। बड़ी संख्या में छोटे ट्रेडर्स ई-पे बिल से बचने के लिए टैक्स चोरी के मकसद से ट्रकों में माल भेजने की बजाय रेलवे का इस्तेमाल करने लगे हैं क्योंकि ट्रकों की तरह रेलवे को रास्ते में चैकिंग से नहीं गुजरना पड़ता, ऐसे में मल्टी स्टेट ट्रांजिशन के लिए ज्यादा आैपचारिकताओं की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा बहुत से व्यापारी एक ही आइटम पर अलग-अलग टैक्स दरों का इस्तेमाल भी टैक्स चोरी के लिए कर रहे हैं लेकिन हाल ही में रेशनलाइजेशन के बाद यह रास्ता भी काफी हद तक बन्द हो चुका है। मतलब एक हजार रुपए की आइटम पर 12 फीसदी जीएसटी है जबकि इससे नीचे वाली आइटम पर 5 फीसदी। डीलर इस मद की कीमत 600-600 रुपए में दो दिखाते हैं। पुराने तरीके आज भी आजमाए जा रहे हैं।

पहले भी एक ही बिल पर कई बार माल सप्लाई की जाती थी, आज भी है। अगर रास्ते में कहीं जांच नहीं हुई तो उस बिल को अकाउंट में दर्ज करते ही नहीं। कुछ हल्की आइटमों के लिए ई-पे बिल से बचने के लिए कूरियर और डाक का इस्तेमाल भी आम है। सरकार सख्ती करे तो व्यापारी समुदाय शोर मचाने लगता है। बड़े व्यापारी में तो क्षमता होती है, वह परेशानियों को झेल भी जाता है लेकिन छोटे व्यापारी इससे काफी प्रभावित होते हैं। छोटे व्यापारी में तो दबाव सहने की क्षमता होती ही नहीं। वर्तमान में छोटे उद्योगों पर केवल एक प्रतिशत जीएसटी देय होती है लेकिन इसमें समस्या यह है कि छोटे उद्योगों द्वारा कच्चे माल की खरीद पर जो जीएसटी अदा की जाती है उसका रिफंड नहीं मिलता। छोटे उद्योगों को समर्थन की बहुत जरूरत है।

उसे बड़े झमेलों से गुजरना पड़ता है इसीलिए जीएसटी में सेंधमारी की प्रवृ​ित बढ़ी है। बड़े व्यापारी हेराफेरी कर जीएसटी राशि को हड़प लेते हैं और सरकार को राजस्व की हानि होती है। जीएसटी की चोरी सरकार के लिए एक बड़ी चिन्ता का विषय है। सरकार डाल-डाल तो व्यापारी पात-पात हैं। इसकी रोकथाम के लिए सिस्टम में कई बदलाव करने होंगे। सरकार को इस ढंग से उपाय करने होंगे ताकि छोटे से छोटा व्यापारी भी स्वेच्छा से कर चुकाने को तैयार हो। बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच होनी ही चाहिए तभी जीएसटी चोरी पर अंकुश लग पाएगा। राजस्व की क्षति से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने की जरूरत है। जीएसटी लागू करने वाले तंत्र को अब विचार करना होगा कि क्या-क्या उपाय किए जाएं। देश के व्यापारिक समुदाय को भी ईमानदारी का परिचय देना होगा। सरकार को भी अपना काम इस ढंग से करना होगा कि छोटे उद्योग-धंधे प्रभावित नहीं हों।