मानो या न मानो आज के कम्प्यूटर के जमाने में बच्चों को ज्यादा सुविधाएं मुसीबत का घर बन रही हैं। मोबाइल पर ही तरह-तरह की गेम उपलब्ध हैं लेकिन महंगे से महंगे मोबाइल में बच्चे एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से क्या कुछ कर रहे हैं, यह आगे चलकर माता-पिता के लिए मुसीबत का घर बन सकता है। बच्चे क्या कुछ डाउनलोड कर रहे हैं, उन्हें कोई भी अश्लील चीजें अर्थात पोर्न वीडियो भेजकर उनके मनोविज्ञान को बिगाड़ रहा है। समय आ गया है कि बच्चों को मनोरंजन के लिए दिए जाने वाले मोबाइल पर नजर रखी जानी चाहिए। बच्चे मन के सच्चे होते हैं, उन पर कोई भी अपना दाव खेल सकता है। महज दो दिन पहले देश की सबसे बड़ी एजेंसी सीबीआई ने खुलासा किया है कि किस प्रकार देश में ऐसे संगठन काम कर रहे हैं जो बच्चों को अश्लील वीडियो और अश्लील फोटोग्राफ अपलोड करते हुए सर्कुलेट कर रहे हैं। इस बारे में कई लोगों ने यह ​शिकायत साइबर क्राइम से जुड़े अिधकारियों तक भेजी कि बच्चे अकेले और देर-देर रात तक जागकर एक-दूसरे को ऐसा कुछ भेज रहे हैं जो अश्लील है।

जानकारी मिली है कि कन्नौज का एक बी.कॉम पास युवक व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन कर रहा है। उसने दिल्ली समेत कम से कम 20 शहरों में अपने ग्रुप बना रखे हैं जहां से बच्चों को अश्लील वीडियो भेजने का काम ​किया जाता था। इस मामले में वह कई कंपनियों के बारे में प्रचार करता हुआ पैसे वसूलता था और बच्चों को भी कामुक चित्र भेजने के बदले पैसे वसूलता था। हम पहले भी कहते रहे हैं कि आधुनिक सुविधाएं अगर कम्प्यूटर के माध्यम से मिल रही हैं तो माता-पिता का फर्ज है कि बच्चों पर निगाह रखें। हालांकि सीबीआई एडमिन पर निगाह रखते हुए सारे मामले को खंगाल चुकी है। आज के समय में मोबाइल में ढेराें ऐसे ऐप हैं जहां जो फिल्म चाहें या जानकारी चाहें, मिल सकती है। यहां तक कि सोशल साइट पर भी बच्चे सैक्स से रिलेटिड वीडियो आैर अन्य अश्लील चीजें या गंदी बातें शेयर करते रहते हैं। हालांकि सीबीआई टीम इस अश्लील ग्रुप चलाने वाले व्यक्ति के कब्जे से हार्डडिस्क, लैपटॉप, टेबलेट और मोबाइल जब्त कर चुकी है।

बच्चे तरह-तरह के माध्यम से व्हाट्सएप पर अपने गाने-बजाने, नई-नई ड्रैसें पहनकर वीडियो शेयर करते रहते हैं। उन्हें नहीं पता होता कि शातिर लोग भोली-भाली सूरतों को अपना निशाना बनाकर अश्लील खेल खेल सकते हैं। यही नहीं कई वीडियो तो ऐसी होती हैं जो एडिट करके कुछ से कुछ बनाकर उनके मायने ही बदल दिए जाते हैं। इतनी टेक्नाॅलोजी हाई हो गई है कि किसी को बदनाम करने में एक सैकेंड लगाते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल आज के जमाने में बहुत सुविधाएं देता है लेकिन इसका प्रयोग सही दिशा में होना चाहिए। यहां तक कि गूगल या यू-ट्यूब बहुत काम की चीजें हैं परन्तु टेक्नॉलोजी से छेड़छाड़ करने वाले कम्प्यूटर के खुलेपन में सुराख ढूंढकर अश्लील वीडियो अपलोड करने जैसे घिनौने खेल भी खेल रहे हैं। हमारा सभी माता-पिता से अनुरोध है कि इस मामले में अपने बच्चों का खास ध्यान रखें। बच्चे भोले-भाले होते हैं और पढ़ाई करने की उम्र में उन पर निगाह जरूर रखें। ऐसे बहुत से केस हैं जिनमेें बच्चों के देर रात तक एक-दूसरे से मोबाइल पर अश्लील वीडियो वगैरा भेजने की बातें खुल रही हैं। समय आ गया है कि माता-पिता अलर्ट रहें वरना सावधानी हटी तो दुर्घटना हो सकती है।