हर भारतीय का मोदी पर विश्वास है


तीन साल बीत गए जब श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभाला था। एक ऐसा नेता जिसने विकास के नाम पर सीएम पद पर रहते हुए पूरे देश में एक मॉडल स्थापित किया और गुजरात को अलग पहचान दी थी। आज वह देश का पीएम है और पूरे देश को विकास के नाम पर दुनिया के नक्शे पर एक अलग पहचान दे रहा है तो फिर ऐसे इंसान का, ऐसे पीएम का, ऐसे नेता का स्वागत किया जाना चाहिए। स्वागत इसलिए नहीं कि वह देश को अच्छा सुशासन दे रहा है बल्कि इसलिए कि पिछले तीन साल में इस सरकार पर भ्रष्टाचार और चोरी, छल-कपट का एक भी दाग नहीं लगा। तीन साल से एक सरकार चल रही है और वह बेदाग रहती है तो यकीनन इसे देश की शान मानना चाहिए। जरूरत ऐसे पीएम और ऐसी सरकार की है।

नरेन्द्र मोदी का वर्किंग स्टाइल सब जानते हैं और सबने देख लिया है कि 26 मई, 2014 को जब यह सरकार सत्ता में आई तो मोदी ने आगे बढ़कर एक नए भारत के निर्माण का संकल्प ले लिया था। यह बात अलग है कि विपक्ष ने बहुत कुछ कहकर वही काम किया था जो उसे करना चाहिए था, आलोचना करना विपक्ष का काम है परंतु मोदी ने इस आलोचना को चैलेंज के रूप में लेते हुए जो-जो वादे किए थे उन्हें पूरा करना शुरू किया। आतंकवादियों को फंडिंग के रूप में अंधाधुंध रुपए पर पहली चोट का नाम था नोटबंदी। इसके बाद कालाधन खत्म करने के लिए जो संकल्प लिया उसे निभाना शुरू करने वाले व्यक्ति का नाम मोदी है। गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लाने वाले व्यक्ति का नाम मोदी है और भारत को डिजिटल इंडिया बनाने वाली शख्सियत का नाम मोदी है। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया ये सब मोदी की देन हैं।

नई नीतियां बनाना और उन्हें लागू करना यह काम एक वह प्रधानमंत्री कर सकता है जो यह नारा देता है न खाऊंगा न खाने दूंगा। काम करूंगा और करवाऊंगा। ऐसा कहना और निभाना इसी का नाम सुशासन है। मोदी ने देश के विकास के लिए एक इसी मंत्र को अपनाया है। वह देश में एक गरीब आदमी के साथ-साथ आम आदमी की भी सुनता है, उसकी स्थिति सुधारने की कोशिश करता है।  शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में मोदी जमीनी स्तर पर बहुत कुछ करना चाहते हैं। इसका भी प्रभाव धीरे-धीरे ही मिल पाएगा लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाएं दिखा रही हैं कि आगे चलकर लाभ मिलेगा। हर किसी के इलाज के लिए अगर जम्मू कश्मीर या असम में एम्स की तर्ज पर नए अस्पताल बनाए जाने की योजना पर काम शुरू हो सकता है तो आपको मानना पड़ेगा कि सरकार काम करना चाहती है।

शिक्षा के मामले में सरकार स्किल इंडिया के माध्यम से तकनीकि शिक्षा से जोड़कर अगर छात्र-छात्राओं के रोजगार सुनिश्चित कर रही है तो उचित समय का इंतजार तो करना ही होगा। यह बात अलग है कि बेरोजगारी को लेकर विपक्ष आलोचना कर सकता है, विपक्ष की आलोचना में बेरोजगारी के अलावा जरूरी चीजों की कीमतों में वृद्धि भी है। यहां हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि विपक्ष को यह भी देख लेना चाहिए कि अब जीएसटी के लागू होने से कई जरूरी चीजों की कीमतों में कमी आएगी। तो विपक्ष को समय का इंतजार तो करना ही होगा। जब देश के सौ से ज्यादा शहर स्मार्ट सिटी की योजना में शामिल हो चुके हों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे स्मार्ट हो रहे हों तो फिर हम अपने वर्किंग स्टाइल में स्मार्ट कब होंगे। स्वच्छता का अभियान जो पीएम ने आरंभ किया उसे हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। महिलाओं की जरूरत रसोई में दिखाई देती है और उस किचन में अगर एलपीजी आती है तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री की उज्ज्वला कनेक्शन योजना को दिया जाना चाहिए।

देश को आत्मनिर्भरता के मामले में सुरक्षा के कई बंदोबस्त और निर्माण कार्य अपने देश में हो रहे हैं। टैंक, तोपें, विमान और पनडुब्बियां अगर इनका निर्माण भारत की स्वदेशी तकनीक से हो रहा है तो यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की सफलता है जिसके तहत पाकिस्तान और चीन जैसे देशों को बराबर चुनौती दी जा रही है। अहम बात यह है कि मोदी और यह सरकार मुस्लिम बहनों की तीन तलाक की पीड़ा को समझ रही है। संविधान में हर नागरिक को बराबरी का अधिकार मिला हुआ है तो फिर महज मुंह से बोले गए तलाक, तलाक, तलाक इन तीन शब्दों को लेकर किसी बहन की जिंदगी को अलग रहकर नरक में झोंकने का अधिकार किसी मजहब, किसी जाति और किसी व्यक्ति को नहीं है। संविधान ने सबको बराबरी में रहने की व्यवस्था दी है तो मोदी ने इसे सुनिश्चित करने के लिए अगर कोई पग उठाया है तो हम इसकी तहेदिल से प्रशंसा करते हैं। इसी कड़ी में मोदी ने वीआईपी द्वारा चलाए गए लालबत्ती कल्चर की भी कानून तौर पर खत्म करवा दिया है।

अब थोड़ी सी बात कश्मीर और आतंक की भी जो इस सरकार को पिछली सरकारों ने विरासत में मिला है। मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब किया और हमारे जवानों की शहादत के रुतबे को राष्ट्रीय सम्मान के रूप में स्वीकार किया है। अपनी होली, दीवाली छोड़कर जवानों के साथ बॉर्डर पर जाकर उनकी भावनाओं को समझा है लेकिन पाकिस्तान के शरीफ प्रधानमंत्री को उसकी बदमाशियों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया है। बात जवानों के सर काटे जाने की हो या हमारे बॉर्डर के गांवों पर गोलाबारी की, मोदी सरकार पलटवार के रूप में सर्जिकल स्ट्राइक करना जानती है। यह संदेश पूरी दुनिया तक गया हुआ है तभी तो दुनिया के सर्वशक्तिमान देश चाहे वह अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस या आस्ट्रेलिया हो, मोदी और उनकी वर्किंग स्टाइल को जानते हैं। महज तीन साल में एक पीएम और एक देश ने लोगों का दिल जीत लिया हो, विकास की एक नई परिभाषा लिख दी हो तो ऐसी शुरूआत का हम और यह कलम दिल की गहराइयों से स्वागत करते हैं। उम्मीद ही नहीं यकीन है कि विकास और विश्वास का यह अंतहीन सिलसिला भारत में चलता रहेगा।