BREAKING NEWS

LIVE : भारत पहुंचने से पहले ट्रंप ने हिंदी भाषा में किया ट्वीट, स्वागत के लिए अहमदाबाद पहुंचे मोदी◾ट्रम्प के स्वागत में अहमदाबाद तैयार, छाए भारत-अमेरिकी संबंधों वाले इश्तेहार◾दिल्ली और झारखंड में BJP विधानमंडल दल के नेता का आज होगा ऐलान ◾जाफराबाद में CAA को लेकर हुई पत्थरबाजी के बाद इलाके में तनाव, मेट्रो स्टेशन बंद◾Modi सरकार ने पद्म सम्मान के लिये ‘गुमनाम’ चेहरे खोजे : केंद्रीय मंत्री◾अब कुछ ही घंटो में भारत यात्रा के लिए अहमदाबाद पहुंचेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति Trump , मोदी को बताया दोस्त◾मेलानिया का स्वागत करके खुशी होती, हमने अमेरिकी दूतावास की चिंताओं का किया सम्मान : मनीष सिसोदिया◾Trump की भारत यात्रा से किसी महत्वपूर्ण परिणाम के सकारात्मक संकेत नहीं हैं : कांग्रेस◾US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के लिए रवाना, कल सुबह 11.55 बजे पहुंचेंगे अहमदाबाद, जानिए ! पूरा कार्यक्रम◾अमेरिकी दूतावास की सफाई - स्कूल में मेलानिया के साथ CM केजरीवाल की मौजूदगी से कोई आपत्ति नहीं◾ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर PM मोदी बोले - अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर हिंदुस्तान उत्सुक◾ट्रम्प की थाली में परोसे जाएंगे गुजराती व्यंजन, सूची में खमण भी शामिल ◾नमस्ते ट्रंप : एयर इंडिया ने जारी की एडवाइजरी - यात्रियों को अहमदाबाद हवाईअड्डा जल्द पहुंचने की जरूरत◾भारत 24वां देश जिसके दौरे पर आ रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप◾डिजिटल कंपनियों पर वैश्विक कर व्यवस्था समावेशी हो: सीतारमण ◾प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के खाते में भेजे गए 50850 करोड़ रुपये◾ट्रम्प की यात्रा से दोनों देशों को मिलेगा एक-दुसरे को पहचानने का मौका : SBI प्रबंध निदेशक◾कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कश्मीर को लेकर पाक राष्ट्रपति की चिंताओं का समर्थन करने की बात से किया इनकार◾Trump - Modi गुजरात में कल करेंगे रोड शो, एक लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी में होगा ‘नमस्ते ट्रंप’, शाह ने की समीक्षा◾भारत के सामने गिड़गिड़ाया चीन, कहा- हमें उम्मीद है कि भारत कोरोना वायरस संक्रमण की वस्तुपरक समीक्षा करेगा◾

It’s My Life (47)

मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का अधिकांश राजनीतिक पार्टियां खुलकर समर्थन कर रही हैं। कांग्रेस समेत कुछ अन्य राजनीतिक पार्टियां अपने राजनीतिक हितों के लिए मोदी सरकार के खिलाफ झंडा बुलंद किए हुए हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा और राज्यसभा में इन विधेयकों पर बयान देते हुए कहा कि अनुच्छेद-370 की आड़ में 2-3 परिवार ही अपना दबदबा बनाए हुए थे और ये परिवार चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर पर केवल उनकी संतानें ही राज करें।

मोदी और शाह ने 72 वर्ष पुरानी जम्मू-कश्मीर समस्या अनुच्छेद 370 को हटाने को जो साहसिक कदम उठाया है उसे कोई भी भारतीय भूल नहीं सकेगा। यह साहसिक कार्य मोदी और शाह ही कर सकते थे। अब पाकिस्तान भारत को जो मर्जी में आए गीदड़ भभकियां दे लेकिन मुझे तो आज इस बात की खुशी हो रही है कि आज अगर लालाजी और रमेशजी जिंदा होते तो इस कदर खुश होते कि कहीं यह दोनों शहीद बाप-बेटा मोदी और शाह का माथा चूम लेते। मोदी और शाह ने अनुच्छेद 370 को हटा कर जो कमाल किया है इन दोनों का नाम भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। धन्यवाद मोदी जी! धन्यवाद शाह जी!

शेख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री रहते हुए एक तानाशाह के रूप में काम करते रहे। कांग्रेस का उनको समर्थन था। अपनी और अपनी सरकार की आलोचना उन्हें बर्दाश्त नहीं थी। हिंद समाचार ग्रुप के संस्थापक लाला जगत नारायण अपनी लेखनी में जहां शेख अब्दुल्ला की तानाशाही नीतियों की समय-समय पर आलोचना करते रहे, वहीं अनुच्छेद-370 को खत्म करने के लिए लेख भी लिखे और राज्यसभा सदस्य होते हुए सदन में भी इसे उठाया। 

शेख अब्दुल्ला लालाजी की लेखनी से इतने भयभीत थे कि उन्होंने स्वतंत्रता पूर्व के कस्टम एक्ट के तहत 1977 में ‘हिंद समाचार’ और ‘पंजाब केसरी’ के अपने प्रदेश में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी ताकि प्रदेश की आम जनता लालाजी के लिखे आलेखों को पढ़ न सके। फिर शेख अब्दुल्ला के विरुद्ध पंजाब केसरी ग्रुप की कानूनी लड़ाई शुरू हुई। मुझे याद है मैं अपने पिताजी के साथ हफ्ते में तीन दिन दिल्ली जाता था और हमने उस समय के सुप्रसिद्ध वकील श्री पालकीवाला को अपने समर्थन और शेख सरकार के विरुद्ध खड़ा किया। 

हमारा मुद्दा था कि शेख साहिब ने एक तानाशाही आदेश से जो हिंद समाचार और पंजाब केसरी के प्रवेश पर जम्मू-कश्मीर में पाबंदी लगाई है यह मसला प्रैस की स्वतंत्रता का है। यानि जम्मू-कश्मीर में तानाशाह शेख press Freedum का गला दबा रहा है। फिर दो महीने की एक लम्बी जद्दोजहद के पश्चात उच्चतम न्यायालय के माननीय न्यायाधीश ने यह फैसला दिया कि या तो शेख सरकार हिंद समाचार और पंजाब केसरी पर जम्मू-कश्मीर में प्रवेश पर लगी पाबंदी 24 घण्टे के अन्दर हटा ले वरना अगले दिन खुद मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला उच्चतम न्यायालय में पेश हों।

सत्यमेव जयते!

इस फैसले के फौरन पश्चात शेख सरकार ने हिंद समाचार और पंजाब केसरी पर लगी पाबंदी हटा ली। लालाजी और रमेश जी ने एक और नया इतिहास प्रैस स्वतन्त्रता पर रचा और उनकी जीत हुई। उसके बाद जम्मू-कश्मीर में हिंद समाचार और पंजाब केसरी पहले की तरह मिलने लगे। फर्क यही था कि शेख सरकार से कानूनी लड़ाई जीतने के पश्चात दोनों अखबारों की प्रसार संख्या बढ़ गई। इसके बाद भी लालाजी और रमेश जी ने अपनी लेखनी से समझौता नहीं किया और शेख की तानाशाही और अनुच्छेद 370 को हटाने के पीछे लगे रहे। यही नहीं जब राष्ट्रपति नीलम संजीवा रेड्डी ने शेख अब्दुल्ला की प्रशंसा के पुल बांधे तो लालाजी ने अपनी लेखनी से जम्मू-कश्मीर की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया।

1981 में पिताजी, माताजी, मैं और किरण अमरनाथ यात्रा पर बाबा शिव की गुफा में बर्फ से बनने वाले शिवलिंग के दर्शन करने छड़ी यात्रा पर जम्मू-कश्मीर आए। 27 अगस्त 1981 को हम बाबा की गुफा में शिवलिंग के दर्शनों के उपरान्त वापिस श्रीनगर आए तो मुझे पिताजी के साथ पहली बार शेख अब्दुल्ला के घर पर उनके दर्शन करने का मौका मिला। हम सभी को शेख साहिब ने अपने मुख्यमंत्री आवास पर नाश्ते पर आमंत्रित किया था। शेख साहिब के बेटे फारूक भी वहां मौजूद थे। बाद में अभी तक मैं उनसे मिलता रहा हूं। 

पिताजी और शेख साहिब में बहुत सी व्यक्तिगत और राजनीतिक बातें हुईं। अंत में जब विदाई का समय आया तो शेख साहिब पिताजी से बोले ‘‘शेरे पंजाब को शेरे कश्मीर का सलाम देना।’’ हम सब वापिस आ गए। यह भी किस्मत की बात है कि 9 सितम्बर 1981 को लालाजी की हत्या कर दी गई और 10 सितम्बर 1981 के दिन शेख साहिब की मृत्यु हो गई। शेरे कश्मीर और शेरे पंजाब दो ही दिनों में इकट्ठे इस दुनिया से चले गए।