मोदी जैसा कोई नहीं

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न केवल भारतीय लोकतंत्र में बल्कि दुनिया के नक्शे पर अगर लोकप्रियता का कोई एवरेस्ट है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उसे फतेह कर चुके हैं। यह मुकाम उन्हें किसी मुकद्दर के दम पर नहीं मिला बल्कि उन्होंने अपनी योग्यता और ईमानदारी तथा कर्मठता से भरी कार्यशैली के दम पर पाया है। एक ऐसा इंसान जो काम करते हुए कभी थकता नहीं, केवल तीन या चार घंटे सोता हो, जब सोचता हो तो सिर्फ अपने देश के उत्थान के लिए सोचता हो। ऐसे प्रधानमंत्री, ऐसे इंसान और ऐसे राष्ट्रभक्त को कोटि-कोटि नमन है।

एक ऐसा पीएम जो जैसा कहता है वह उसे प्रमाणित करता है। अपने तर्कों के आधार पर नहीं बल्कि काम को पूरा करने के बाद देशवासियों को दिखाता है कि देखो यह सब कुछ कर दिखाया है। नोटबंदी की बात करें या फिर पाकिस्तानी आतंकियों की रोज-रोज की घुसपैठ का सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में जवाब, मोदी ने ये बातें केवल राष्ट्रहित में सोचीं और जब इसे अंजाम देने के लिए सबसे आगे के फ्रंट पर पहुंचे तो देशवासियों को प्रमाण मिल गया। यूपी, उत्तराखंड, मणिपुर में भाजपा ने जिस तरह से सत्ता पाई है और जो प्रचंड बहुमत भाजपा को यूपी में मिला है वह सचमुच 2019 के लोकसभाई चुनाव परिणामों की एक इबारत है जिसे अब देशवासी आसानी से पढ़ रहे हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि एक पीएम होते हुए मोदी ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंच कर लोगों के बीच यही संदेश दिया कि अगर आपको हम पर भरोसा है तो उसी तरह से अपना वोट दीजिए जो 2014 के लोकसभा के चुनावों में दिया। लोगों ने वही किया क्योंकि उन्हें मोदी पर भरोसा था। सबसे बड़ी बात यह है कि उनका विवेक और मुख्यमंत्रियों के चयन में अहम भूमिका रहते हुए भी वह सबमें सादगी ढूंढते हैं। उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र रावत और यूपी में आदित्य योगीनाथ का सीएम बनना मोदी के इस फैसले को प्रमाणित करता है कि नेता वही जो जनता के बीच में अपनी पहचान रखता हो और लोग उसे दिलो जान से प्यार करते हों। योगी आदित्यनाथ का राष्ट्र के प्रति समर्पण उनकी ईमानदारी के बारे में किसी काो कोई शक नहीं है। मोदी के इस निर्णय के लिए भी लोग उन्हें इसीलिए एक दूरदर्शी व्यक्ति मानते हैं।

मोदी से पहले जो शासन था और जिस तरह से प्रधानमंत्रियों की छवि एक दब्बू और पीछे से तार हिलाकर काम करने वालों के रूप में बनी हुई थी मोदी ने उसे तोड़ दिया है। देश एक ऐसे ही प्रधानमंत्री की तलाश में था जिसकी आस्तीन साफ हो, जो आदमी दिखने में संत और काम करने में एक मजदूर की तरह डटने वाला हो। ऐसा पीएम देश को मिल गया। मोदी के बारे में कुछ लोग उनकी आक्रामकता को लेकर असहमति की टिप्पणियां भले ही करते हों लेकिन इस बात को हमेशा स्वीकार करते हैं कि मोदी सचमुच देश के भले के लिए ही काम करेंगे। नोटबंदी का फैसला एक ऐसा ही उदाहरण है जिसके बारे में कल तक राजनीतिक दलों ने पानी पी-पी कर उन्हें कोसा परन्तु अब वे शांत हैं और कह रहे हैं कि इसी नोटबंदी पर मोदी की विश्वसनीयता को लेकर लोगों ने यूपी में भाजपा को वोट दिए।

मोदी और भाजपा अब एक ही सिक्के के दो पहलू हो चुके हैं। सच बात है कि मोदी का अक्स इस सिक्के में दोनों तरफ उभरा हुआ है। विरोधी भी स्वीकार करने लगे हैं कि अब केवल सैद्धांतिक रूप से ही मोदी का विरोध किया जा रहा है वरना उन्होंने देश के लिए जो काम किया है उसका मुकाबला हम नहीं कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मोदी के लिए लोगों का विश्वास बढ़ा है और मोदी ने हर किसी के दिल को जीत लिया है। अब तो देशवासी कहने लगे हैं कि मोदी जो कुछ करेंगे वह देशहित के लिए करेंगे। जरा कल्पना करो कि ऐसा कौन सा पीएम है जिसने कभी दीवाली की रात बार्डर पर सैनिकों के साथ बिताई हो। खाली सियाचिन में ही नहीं देश के अन्य भागों में भी वह सैनिकों का दर्द समझते हैं।

किसानों का दर्द समझते हैं, महिलाओं की तकलीफ समझते हैं, बुजुर्गों की भावनाओं को समझते हैं, यूथ के दिल को समझते हैं और आम आदमी को क्या चाहिए इस बात को भी बारीकी से समझते हैं। वह हर किसी को अपना बना लेते हैं तभी तो कहते हैं कि देश में मुझे सब अपने ही दिखाई देते हैं। सारा देश हमारा अपना है। यहां कुछ बुराइयां थीं, काला धन था, भ्रष्टाचार था जिसपर हमने काबू करना है। सचमुच मोदी देश को सही दिशा दे रहे हैं। अमरीका, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, इंग्लैंड, चीन, खाड़ी देशों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी नेपाल, पाकिस्तान और बंगलादेश के अलावा भूटान से भी पूरी दोस्ती रखते हैं। पड़ोसी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के यहां वह बिना बताए पहुंच सकते हैं तो इस चीज से अंदाजा लगाइए कि रिश्तों के मामले में ऐसा व्यक्ति कितना संवेदनशील है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर-कश्मीर की मांग करने वाले पाकिस्तान को उन्होंने अमरीका में जाकर बेनकाव किया। गांव से शहर तक और जमीन से लेकर आसमान तक मोदी का परचम अगर लहरा रहा है तो यह भारत की शान है और मोदी आज भी भारतीयता के लिए पूरी दुनिया में जाकर यही परचम लहराते हैं। ऐसे प्रधानमंत्री के चलते उम्मीद ही नहीं विश्वास है कि अब भारत पूरी दुनिया में एक अलग पहचान प्राप्त कर चुका है। अमरीका जैसे राष्टï्र उसके दीवाने हैं और ऐसे पीएम की वर्किंग स्टाइल को, उनकी भारतीयता को एक बार फिर से कोटि-कोटि नमन है। ठीक कहा गया है मोदी जैसा न कोई था, न है और न ही होगा। अर्थात् न भूतो-न भविष्यति।

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