जो बात आप में है वो किसी और में नहीं…

0
110

इसमें कोई शक नहीं कि अमन और चैन के मामले में भारत लाजवाब है। बेटियों के मामले में जहां भारत सचमुच कमाल है तो पाकिस्तान की बेटियां भी कम नहीं। जो आज की तारीख में केवल अमन चाहती हैं। सबसे बड़ी बात है कि आतंकवाद के खिलाफ जहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जहां एक बड़ी जंग भारत लड़ रहा है वहीं पाकिस्तान के बारे में भी यही कहना पड़ेगा कि उसने भी भारत की तरह आतंकवाद की मार बहुत झेली है। परन्तु फिर भी इन दोनों मुल्कों की बेटियां अमन चाहती हैं और इस मामले में वह किसी की परवाह नहीं करतीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने करिश्माई व्यक्तित्व और देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर देने के जज्बे से जिस तरह से यूपी और उत्तराखंड में भाजपा को जीत दिलाई उसका असर पाकिस्तान की एक 11 साल की बच्ची अकीदत नवीद पर इस कदर पड़ा है कि उसने पीएम को इस जीत के लिए दो पन्नों की चिट्ठी भेजकर बधाई दी है। पांचवीं क्लास की इस बेटी ने चिट्ठी में यह भी लिखा है कि अब मोदी साहब ऐसी कोशिश करें कि दोनों मुल्कों के बीच शांति और अमन स्थापित हो जाए। इस बच्ची ने खत में अपने अब्बा का हवाला देकर लिखा है कि लोगों का दिल जीतना एक अद्भुत काम है जिसे मोदी ने कर दिखाया है। अब यह बच्ची चाहती है कि मोदी भारत के साथ-साथ पाकिस्तानियों का भी दिल जीतें ताकि अमन बहाल हो जाए। इस जज्बे को सचमुच सौ-सौ बार सलाम है।

अब मैं आपके सामने एक दूसरी बेटी आफरीन नाहिदा का उदाहरण देना चाहूंगी जो कि गुवाहाटी से जुड़ी है। यह लड़की कमाल की गायिका है और 2015 के इंडियन आइडल जूनियर की उपविजेता रह चुकी है। इस लड़की की आवाज में जादू है। वह कुरान पर आधारित अच्छी शिक्षाओं को लेकर गीत गाती है, संगीत का मर्म समझती है लेकिन कट्टïर इस्लामी धर्मगुरुओं ने इस मुस्लिम किशोरी को 46 बार फतवे जारी कर दिए और चेतावनी दी कि यह सब कुछ इस्लाम के खिलाफ है और गाना बन्द कर दो लेकिन इस बच्ची ने कहा कि मुझे किसी फतवे की परवाह नहीं। मैं अपने प्यारे वतन भारत से बेइंतहा प्यार करती हूं। उस पिता की देशभक्ति, भावना तो हम देख चुके हैं, जिसने अपने देशद्रोही बेटे का शव लेने से इंकार कर दिया। दूसरा अभी तक की खबर के हिसाब से मुस्लिम महिलाओं ने बढ़चढ़ कर मोदी जी के नाम पर वोट दिए।

इन्सान को जात-पात में तो पहले ही लोगों ने बांट रखा है परन्तु इन्सानियत को किसी मजहब में न बांटा जाए लेकिन ये दोनों उदाहरण इन्सानियत के दुश्मन चाहे वे आतंकवादी हैं या धर्मगुरु हैं उनको करारा जवाब है। कितनी अच्छी बात इन दोनों ही बेटियों ने कही है कि वे हर सूरत में अपने-अपने वतन से बहुत प्यार करती हैं। एक बच्ची पाकिस्तान से देश के पीएम मोदी को खत लिखती है तो सिर्फ इसलिए कि किसी तरह से अमन स्थापित हो जाए। देश के राजनीतिज्ञ और कूटनीतिकों को सचमुच एक सबक लेना चाहिए।

इन्सानियत के दुश्मन आतंकवादियों के लिए भी यह दोनों बेटियां एक सबक हैं। अगर बजरंगी भाईजान जैसी फिल्म दोनों देशों के बीच अमन-चैन की एक अच्छी कोशिश है तो आओ नफरत की यह दीवारें तोड़ डालें जो इन दोनों देशों के बीच खड़ी हैं। पूरी दुनिया की निगाहें मोदी पर हैं जो कि पाकिस्तान के मामले में उसकी मानसिकता को अब प्यार और भाईचारे में बदल चुके हैं। इन्तजार है जब यह सब कुछ स्थायी तौर पर स्थापित हो जाएगा। कुल मिलाकर सब अमनचैन चाहते हैं और यूपी के नतीजों के बाद देश-विदेश के लोग विशेषकर बेटियां मोदी जी को एक ऐसे मसीहा की तरह देख रही हैं, जिसने जात-पात के बंधन से आम जनता को उठा दिया है और देश का हर व्यक्ति किसी भी जाति या किसी भी धर्म का हो, देशभक्ति से भरपूर हो गया। इसी के साथ पुरानी जाति और धर्म पर आधारित राजनीति का अंत भी लगभग हो गया है। हम विकास की ओर बढ़ रहे हैं। सबके लिए देश पहले, बाकी सब बाद में। वाकई मोदी जी आपने कमाल कर दिया जो बात आप में है किसी और में नहीं।

LEAVE A REPLY