बॉलीवुड के सबसे बड़े खलनायक, जिनके बिना फ़िल्में थी अधूरी


दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है बॉलीवुड के खलनायकों के बारे में, अमूमन हीरो की बात तो हर कोई करता है, उन्हें काफी इज़्ज़त भी मिलती है पर ज़रा सोचिये अगर फिल्म में खलनायक का किरदार न हो तो फिल्म में कोई मज़ा बाकी रहेगा ? यकीनन नहीं फिल्म की कहानी में जितना हीरो को महत्व होता है उतनी ही जिम्मेदारी खलनायक के किरदार की भी होती है। वो कहते है न ‘क्या बदनाम होने में नाम न होगा’, वाकई कई मायनों में ये बात सटीक बैठती है। आइये नज़र डालते है उन खलनायकों पर जिनमें से कुछ आज इस दुनिया में नहीं है पर उनकी याद और उनकी खलनायकी हमेशा बॉलीवुड में याद राखी जायेगी।

1.अमरीश पुरी : बॉलीवुड का लगभग 100 साल पुराना  इतिहास है पर अगर सर्वश्रेष्ठ खलनायक चुनने की बात आये तो अमरीश पुरी पहला नाम है। इनके खलनायक के रोल के बिना फिल्म अधूरी मानी जाती थी। इन्होने अपने करियर में करीब 400 फिल्मों में अभिनय किया है जिसमे अपनी खलनायकी का जलवा इन्होने खूब पेश किया। इनके सबसे लोकप्रिय डायलॉग ‘मुग़ैम्बो खुश हुआ’ को कौन भूल सकता है।

2.अमज़द खान: इस महान अभिनेता ने बॉलीवुड के खलनायक किरदार को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुँचाया है , फिल्म शोले में इनके किरदार ‘गब्बर’ को बॉलीवुड के सर्वकालिक महानतम विलन के किरदार होने का श्रेय दिया जाता है।

3.डैनी डोंगजप्पा : 90 के दशक से करीब 20 साल तक डैनी की खलनायकी का दबदबा पुरे बॉलीवुड में रहा है। अग्निपथ , विजयपथ , बरसात , घातक जैसी फिल्मों में इनकी खलनायकी आज भी याद की जाती है।

4.प्रेम चोपड़ा : बॉलीवुड के महान खलनायकों में से एक है प्रेम चोपड़ा , इनका डायलॉग ‘प्रेम चोपड़ा नाम है मेरा’ इस कदर लोकप्रिय हुआ था की ‘प्रेम’ नाम को ही खलनायक प्रवृति से जोड़ कर देखा जाने लगा था। इन्होने अमिताभ बच्चन , राजेश खन्ना , मनोज कुमार , और जीतेन्द्र जैसे कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की पर इनका दबदबा अलग ही होता था।

5.गुलशन ग्रोवर : बॉलीवुड में ‘बैड मेन’ के नाम से मशहूर ये अभिनेता खलनायकी की मिसाल है , बॉलवुड के साथ-साथ हॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके गुलशन को वर्ष २००१ में बीबीसी से अवार्ड भी प्राप्त हुआ था।