पांच सौ, एक हजार का नोट बंद करके प्रधानमंत्री नने अच्छा काम किया : रामदेव

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जयपुर ,(भाषा) : योग गुरू बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री नरेन्द, मोदी द्वारा पांच सौ और एक हजार रूपये के नोट को बंद करने का स्वागत करते हुए कहा कि ‘हम तो बाबा जी है, बैंक में खाता खोला ही नहीं है, हजार और पांच सौ के नोट अपने पास तो थे ही नहीं इन नोट को बंद करके बहुत अच्छ काम किया है, यहां तो जेब ही नहीं है।’ योग गुरू रामदेव ,राजस्थान सरकार और फिक्की के संयुक्त तत्वावधान में आज से आरंभ हुए तीन दिवसीय ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट-2016 (ग्राम) को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एफडीआई के लिये पूरी दुनिया में घूमें लेकिन उन्हें नहीं पता कितना पैसा आया, लेकिन रिजर्व बैंक की रपट के अनुसार 28 अक्टूबर 2016 तक भारत ने 17.77 लाख करोड़ रूपये छापे और उसमें से 86 प्रतिशत पांच सौ और हजार रूपये के नोट थे। देश की अर्थव्यवस्था में 15 लाख करोड़ रूपये के पांच सौ और हजार रूपये के नोट प्रचलन में है, एफडीआई आई हो या ना आई हो लेकिन यह नोट जरूर आ जायेंगे। उन्होंने पंतजलि उत्पादों की चर्चा करते हुए कहा कि पंतजलि शीघ, ही बड़े स्तर पर मसाला बाजार में प्रवेश करेगा इसके अलावा उन्नत किस्म का बाजरे का आटा लाने का प्रयास कर रहा है जिसमें कड़वाहट नहीं होगी। पंतजलि राजस्थान में बहुत बड़ा मेघा फूड पार्क लगाएगा। सरकार को इसमें मदद करनी पड़ेगी क्योंकि विदेशी कंपनियां तो हमारी मदद नहीं करेंगी। रामदेव ने राजस्थान की चर्चा करते हुए कहा कि खाद्यान्नों के मामले में मैं राजस्थान को समृद्व और उज्जवल भविष्य के रूप में देखता हू्र, प्रदेश के किसानों को आटा, गेंहूं, चावल दाल, मसालें में उन्नत किस्म की पैदावार का लाभ मिलना चाहिए। किसान जब समृद्व होगा, तब भारत में समग, समृद्वि स्थाई समृद्वि, विकेन्द्रित समृद्वि, होगी। इन सभी समृद्वियों का रास्ता खेत खलियान से होकर आता है और जब हिन्दुस्तान का किसान उन्नत होगा,तो समृद्व राजस्थान होगा और समृद्व हिन्दुस्तान होगा। उन्होंने किसानों को जोधपुर में मंूग की दाल और एलोवेरा की अधिक फसल लेने का सुझाव दिया।

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