तीन महीने में बनाना होगा भू संपदा नियामक प्राधिकरण

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने बहुचर्चित और महत्वपूर्ण भू संपदा (नियामक एवं विकास ) अधिनियम 2016 को अधिसूचित कर दिया गया है जिसके अनुसार सभी राज्यों को तीन महीने के भीतर भू संपदा नियामक प्राधिकरण का गठन करना होगा।

केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने आज यहां बताया कि कल रात जारी की गयी अधिसूचना के अनुसार सभी राज्यों को एक मई से तीन महीने के भीतर भू संपदा नियामक प्राधिकरण बनाना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि भवन निर्माता कंपनियों को अपनी चालू और नयी परियोजनाओं को इसी अवधि के भीतर प्राधिकरण के पास अनिवार्य रुप से पंजीकृत कराना होगा। इसी अवधि के भीतर एजेंटों को अपना पंजीकरण प्राधिकरण के पास कराना होगा। अभी तक केवल मध्यप्रदेश ने भू संपदा नियामक प्राधिकरण का गठन किया है।

फिलहाल 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भू संपदा अधिनियम के तहत नियमावली जारी कर दी है और 15 ने इन्हें तैयार कर लिया है। इसके अलावा तीन राज्य गोवा, मणिपुर और पश्चिम बंगाल के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नगालैंड ने इस संबंध में कानूनी राय मांगी है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने इस अधिनियम को उपभोक्ता और उद्योग के लिए बेहतर करार देते हुए कहा है कि नियामक का गठन सुनिश्चित करना मुख्यमंत्रियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नियामक का गठन नहीं करने का खतरा राज्यों को उठाना होगा और यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो लोग अदालत में जनहित यााचिकाओं की बाढ ला देंगे।

उन्होंने कहा कि भूसंपदा अधिनियम के 60 प्रावधानों को पिछले साल लागू कर दिया गया था और इस अधिसूचना के साथ सभी प्रावधान लागू हो गए हैं। नए नियम उन निर्माण परियोजनाओं पर भी लागू होंगे जिन्होंने’ परियोजना के पूर्ण होने के प्रमाण’ नहीं लिया है। प्रावधानों का पालन नहीं करने पर जुर्माने की व्यवस्था भी एक मई से लागू हो जाएगी।

– वार्ता

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