SC ने कई सरकारी योजनाओं में आधार अनिवार्य बनाने पर केंद्र को लगाई फटकार

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नई दिल्‍ली : कई सरकारी योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य बनाने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत केंद्र सरकार से पूछा कि जब हमने सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को वैकल्पिक करने का आदेश दे दिया है तो आप इसके लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कैसे बना सकते हैं?

आईटी रिटर्न फाइल करने में आधार अनिवार्य करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि वह अगले सप्ताह इस बारे में फैसला सुनाएगा कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार को जरूरी किया जाना चाहिए या नहीं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पूछा, ‘आप आधार कार्ड को जरूरी कैसे कर सकते हैं, जबकि हमने इसे वैकल्पिक बनाने का आदेश पास किया था।’

इसके जवाब में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि सरकार के पास अब इसे इस्तेमाल करने के लिए कानून है। सरकार का पक्ष रखते हुए रोहतगी ने कहा, ‘हमने पाया है कि तमाम मुखौटा कंपनियों में फंड्स को ट्रांसफर करने के लिए पैन कार्ड्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करना ही एक मात्र विकल्प है।’

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा था कि जनहित स्कीम के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड को चुनौती देती पिटीशंस पर तुरंत सुनवाई नहीं हो सकती, क्योंकि इस याचिका पर 7 जजों की एक पीठ गठित की जानी है. जो फिलहाल संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि आधार कार्ड न होने की वजह से किसी भी लाभार्थी को योजना के लाभों से वंचित नहीं रखा जा सकता। आधार स्कीम यूनीक अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की देखरेख में चल रही है। 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सरकारी स्कीम्स में आधार के वॉलंटरी यूज पर रोक लगा दी थी।

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