मुठभेड़ स्थलों से दूर रहें कश्मीरी

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नई दिल्ली  ,(एजेंसियां): कश्मीर घाटी में आतंकियों के मददगार बनने वाले लोगों को सेनाध्यक्ष की चेतावनी के बाद प्रदेश की महबूबा मुफ्ती सरकार ने भी स्थानीय लोगों को ऐसी जगहों से दूर रहने को कहा है जहां सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही हो। सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने ऐसे मुठभेड़ स्थलों के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे में धारा-144 लगाने की भी घोषणा की जहां फायरिंग हो रही हो।

यह आदेश स्वत: लागू हो जाएगा। साथ ही तीन जिलों के ऐसे स्थलों के तीन किलोमीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगाने कर निर्णय लिया है। ‘श्रीनगर, बडगाम और शोपियां के जिला प्रशासकों ने लोगों को हताहत होने से बचाने के लिए उन्हें उन स्थलों की ओर नहीं आने और न ही भीड़ लगाने को कहा है जहां सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही हो।’ आतंकी स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षाबलों पर फायरिंग करके फरार होने में कामयाब हो रहे हैं और यह अस्वीकार्य है।

उन्होंने बताया कि तीन जिलों में मुठभेड़ स्थलों के तीन किलोमीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी गई है। हालांकि एंबुलेंस, चिकित्सा, पैरा मेडिकल और सरकारी कर्मचारियों पर यह निषेधाज्ञा लागू नहीं होगी। यह निर्णय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के उस बयान के बाद लिया गया है कि कश्मीर में आतंकवादी अभियानों के दौरान पथराव करने वाले नागरिकों को देश विरोधी माना जाएगा और उनके साथ उसी तरह से बर्ताव किया जाएगा।

रावत ने उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में एक एनकाउंटर के दौरान सुरक्षा बलों पर स्थानीय नागरिकों द्वारा पत्थरबाजी की घटना के बाद दिया था। पारे मोहल्ला में छुपे हुए आतंकवादियों के खिलाफ अभियान शुरू होने से पहले तीन सैनिकों को भारी पथराव का सामना करना पड़ा था। पथराव करने वालों के कारण सावधान होकर आतंकवादियों को आगे बढ़ रहे सैनिकों पर हथगोला फेंकने और एके राइफल से भारी गोलीबारी करने का मौका मिल गया। इसमें तीन जवान शहीद हो गए और सीआरपीएफ के कमांडिंग आफिसर सहित कुछ अन्य घायल हो गए। एक आतंकवादी मौके से फरार होने में सफल रहा था। सेना प्रमुख के बयान का केंद्र सरकार ने पूरी तरह समर्थन किया था।

जनरल रावत ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोग जिस तरह से सुरक्षा बलों को अभियान संचालित करने में रोक रहे हैं उससे अधिक संख्या में जवान हताहत हो रहे हैं तथा ‘कई बार तो वे आतंकवादियों को भागने में सहयोग करते हैं।’ साथ ही उन्होंने कहा था, ‘हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि अगर किसी ने हथियार उठा लिए हैं और वह स्थानीय लड़के हैं। अगर वे आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे लहराते हैं तो हम लोग उन्हें राष्ट्र विरोधी तत्व मानेंगे और उनके खिलाफ एक्शन लेंगे।

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  1. यह अच्छा फैसला है सरकार की और से अच्छी पहल है,तभी तो आतंकवादी ऐसी गतिविधिओं को अंजाम दे पाते हैं,स्थानीय लोगों के सहयोग से

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