लोकसभा चुनाव खत्म होते ही पानी के मुद्दे पर हरियाणा ने फिर से दिल्ली सरकार को घेर लिया है। हरियाणा सरकार का दावा है कि दिल्ली सरकार हरियाणा की सौ करोड़ से अधिक की देनदार है। इसके बावजूद हरियाणा का दिल्ली को पेयजल आपूर्ति रोकने का कोई विचार नहीं है अलबत्ता दिल्ली को उनके हिस्से से अधिक पानी दिया जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को पानी के मुद्दे पर जब पत्रकारों से बातचीत की तो उन्होंने दिल्ली सरकार को भी घेर लिया।
सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा, पानी के पैसों की बातें पहले भी अलग-अलग मंचों पर उठती रही हैं। हमने कभी यह बात सार्वजनिक नहीं की। पहले हम मीडिया में चर्चा नहीं करते थे। अब तो मीडिया में भी आ गई है। देखो, शायद दिल्ली को शर्म आ जाए। सीएम ने दो-टूक कहा, दिल्ली के साथ हुए समझौते से अधिक पानी आज भी हम दिल्ली को दे रहे हैं। यह कहना कि हरियाणा से पूरा पानी नहीं मिलता, पूरी तरह से गलत है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा और दिल्ली के साथ हुए समझौते के तहत 719 क्यूसिक पानी का शेयर दिल्ली को मिला हुआ है। दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद हरियाणा द्वारा 1049 क्यूसिक पानी दिल्ली को सप्लाई किया जा रहा है। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली पानी तो अधिक ले रहा है, लेकिन इसके बदले पैसे नहीं दे रहा। 1995 से लेकर अब तक के मोटे हिसाब से दिल्ली की ओर 120 करोड़ रुपये बनते थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बताने के बाद सीएम ने कहा, हमारे पास केवल इसकी एवज में केवल 20 करोड़ रुपये आए हैं। आज भी दिल्ली की ओर 100 करोड़ रुपये का बकाया है।
सीएम ने बताया कि इस संदर्भ में दिल्ली सरकार के साथ कई बार पत्राचार भी हुआ है लेकिन आज तक पैसे नहीं आए हैं। बकाया राशि लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को उसके शेयर से अधिक पानी हम अब भी दे रहे हैं। दिल्ली देश की राजधानी है। ऐसे में दूसरे राज्यों को भी दिल्ली की जरूरत के हिसाब से पानी देने में सहयोग करना चाहिए।


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