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चढूनी के चुनाव लड़ने वाले बयान पर बोले CM खट्ट-किसानों की समस्याओं को लेकर उनका कोई सरोकार नहीं

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी का किसानों की समस्याओं को लेकर कोई सरोकार नहीं है। उनका ये बयान चढूनी के उस बयान के बदले है जिसमें उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में शामिल संगठनों को पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए, क्योंकि इससे बदलाव का मॉडल पेश किया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, राजनीति से प्रेरित होकर वे इस आंदोलन को चलाए हुए हैं। इस आंदोलन में किसानों की समस्याओं को लेकर उनका कोई सरोकार नहीं है, किसान तो नए कृषि क़ानूनों का अच्छा मानता है। 

वहीं चढूनी के इस बयान पर बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा, ये संयुक्त मोर्चे का फैसला नहीं है। ये गुरनाम सिंह की सोच हो सकती है। बहुत लोगों का इस तरह का विचार है कि चुनाव में जाएं लेकिन अभी ये फैसला नहीं है। हमारा मानना है कि आंदोलनकारी को चुनाव में नहीं जाना चाहिए। आंदोलन गैर राजनीतिक रहे। चुनाव से फायदा नहीं होगा।

गौरतलब है कि किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के प्रमुख नेता चढूनी ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि हमें ‘मिशन उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि मिशन पंजाब’ चलाना चाहिए।’’ एसकेएम ने सितंबर में उत्तर प्रदेश में ‘महापंचायत’ और अन्य आयोजनों की योजना बनाई है जहां अगले वर्ष चुनाव होने हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हम मिशन उप्र की ओर बढ़ रहे हैं। पांच सितंबर को वहां एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। अन्य आयोजन होंगे। उसके बाद चुनाव आएंगे और हम बीजेपी को हराने के लिए काम करेंगे। अगर मान लें कि बीजेपी हार भी जाती है तो क्या केंद्र हमारी मांगों को मान लेगा। इसे अन्यथा मत लीजिए।’’

चढूनी ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया जहां किसान संगठनों ने बीजेपी के खिलाफ प्रचार किया। उन्होंने कहा, ‘‘वहां बीजेपी की हार हुई, लेकिन क्या केंद्र ने हमारी मांगें मान लीं।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भी स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा है कि अगर वे सत्ता में आएंगे तो इन कानूनों को समाप्त किया जाएगा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी वाला कानून बनाया जाएगा। चढूनी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हम कहते हैं कि हम व्यवस्था बदलना चाहते हैं, लेकिन इस बारे में ज्यादा नहीं सोचते कि इसे साकार करने के लिए क्या करना होगा।’’ उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस व्यवस्था को बदलने में नाकाम रहे हैं ऐसे में हमें किससे उम्मीद रखनी चाहिए। किसान नेता ने कहा, ‘‘अगर हमें व्यवस्था बदलनी है तो हमें एक योजना बनानी होगी और वह योजना ‘मिशन पंजाब’ होनी चाहिए।’’ गौरतलब है कि पंजाब में भी अगले साल चुनाव होने हैं।