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हरियाणा विधानसभा चुनाव : देवी लाल, बंसी लाल और भजन लाल के परिवार के 10 सदस्य हैं चुनावी समर में

चंडीगढ़ : हरियाणा के गठन के बाद लगभग तीन दशक तक प्रदेश के शासन पर चौधरी देवी लाल, बंसी लाल और भजन लाल का दबदबा रहा। 

इस बार के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर तीनों लाल परिवार अपना दबदबा कायम करने की कोशिश में हैं जिसमें पिछले 15 सालों में कमी आई है। इसी के तहत उनके परिवार के 10 सदस्य चुनाव मैदान में हैं। 

पंजाब से अलग कर 1966 में हरियाणा का गठन किया गया था। 

पूर्व उपप्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवी लाल के परिवार से 31 वर्षीय दुष्यंत चौटाला ऊंचाना कलां से पूर्व केन्द्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह की पत्नी और मौजूदा विधायक प्रेम लता के खिलाफ मैदान में हैं। 

हिसार से पूर्व सांसद दुष्यंत जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के प्रत्याशी हैं। जेजेपी का गठन चौटाला परिवार में फूट पड़ने के बाद इंडियन नेशनल लोक दल से अलग होकर 2018 में हुआ। दुष्यंत चौधरी देवी लाल के प्रपोत्र हैं। 

चौटाला परिवार के दो सदस्य जेजेपी के प्रत्याशी हैं जबकि दो अन्य इनेलो और भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में हैं। एक अन्य सदस्य निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है। अन्य दो लाल परिवारों के पांच सदस्य कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 

दुष्यंत की मां नैना चौटाला बाढड़ा सीट से जेजेपी की प्रत्याशी हैं। 2014 विधानसभा चुनाव में अजय सिंह चौटाला की पत्नी नैना डबवाली सीट से इनेलो के टिकट पर जीती थीं। 

इनेलो नेता और मौजूदा विधायक अभय सिंह चौटाला एलनाबाद से मैदान में हैं। 

अजय और अभय पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पुत्र और देवी लाल के प्रपौत्र हैं। 

देवी लाल के पुत्र जगदीश चौटाला के पुत्र आदित्य सिंह चौटाला डबवाली सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। 

चौधरी देवी लाल के पुत्र 73 वर्षीय रंजीत सिंह चौटाला कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद रानिया सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के दो बेटे कुलदीप विश्नोई और चन्द्र मोहन आदमपुर और पंचकुला से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। 

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बंसी लाल के पुत्र 75 वर्षीय रणबीर सिंह महेन्द्र कांग्रेस के टिकट पर भदरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 

बंसी लाल की बहू किरण चौधरी तोशाम सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं।