BREAKING NEWS

Bengal Election 2021 : BJP में शामिल होंगे मिथुन चक्रवर्ती, ब्रिगेड ग्राउंड रैली में PM मोदी के साथ आएंगे नजर◾जन औषधि दिवस पर PM की अपील 'मोदी की दुकान' से खरीदें सस्ती दवाइयां ◾भाजपा नेता शुभेंदू अधिकारी बोले- नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को भारी मतों से हराउंगा◾दुनिया में कोरोना महामारी के मामले 11.64 करोड़ के पार, 25.8 लाख लोगों की मौत◾Today's Corona Update : देश में कोरोना के 18,711 नए मामले, 100 और मरीजों की मौत◾अमित शाह आज तमिलनाडु और केरल के दौरे पर, 'विजय यात्रा’ को करेंगे संबोधित◾TOP- 5 NEWS 07 MARCH : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें◾दिल्ली में लगातार दूसरे दिन 300 से अधिक कोरोना वायरस के मामलों की हुई पुष्टि◾पीएम मोदी आज कोलकाता में चुनावी अभियान का बिगुल फूकेंगे,भाजपा ने भारी भीड़ जुटाने की बनाई योजना◾आज का राशिफल (07 मार्च 2021)◾कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 13 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की ◾पश्चिम बंगाल : ममता बनर्जी के खिलाफ आगामी चुनाव में UP के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य का हल्ला बोल◾बंगाल चुनाव : BJP ने जारी की 57 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, ममता के खिलाफ लड़ेंगे शुभेंदु अधिकारी ◾सफलता के लिए शॉर्टकट : पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक खेमों में बंटा ‘टॉलीवुड’◾पश्चिम बंगाल : विधानसभा चुनाव से पहले ममता को एक और झटका, विधायक सोनाली गुहा BJP में होंगी शामिल◾पीएम मोदी कोलकाता में रविवार को रैली को संबोधित करेंगे, मिथुन दा की उपस्थिति पर सस्पेंस बरकरार ◾पंजाब में कोरोना ने फिर फैलाई दहशत, जालंधर में संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए लगा नाईट कर्फ्यू ◾सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांस लेने में तकलीफ, इलाज के लिए ले जाया गया मुंबई ◾दिनेश त्रिवेदी ने पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने पर भड़की टीएमसी, बताया पार्टी के साथ विश्वासघात◾दिल्ली: घरों में क्वारंटीन हुए कोविड-19 के मरीजों में 37 प्रतिशत वृद्धि, कन्टेनमेंट जोन भी बढ़े ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो सरकार का सत्ता में रहना मुश्किल हो जाएगा : राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान पर सोमवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में पलटवार करते हुए कहा कि जब लोग जमा होते हैं तो सरकारें बदल जाती हैं। तोमर ने कहा था कि सिर्फ भीड़ के जमा होने से कानून रद्द नहीं होंगे।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता टिकैत ने चेताया कि अगर तीन नए कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो सरकार का सत्ता में रहना मुश्किल हो जाएगा। वह इस महीने हरियाणा में किसान महापंचायत कर रहे हैं। सोनीपत जिले के खरखौदा की अनाज मंडी में किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसान किसान आंदोलन जारी रहेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने रविवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कहा था कि केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से बात करने को तैयार है लेकिन महज़ भीड़ जमा हो जाने से कानून रद्द नहीं होंगे।

उन्होंने किसान संघों से सरकारों को यह बताने का आग्रह किया कि इन नए कानूनों में कौनसा प्रावधान उन्हें किसान विरोधी लगता है। इस पर पलटवार करते हुए टिकैत ने महापंचायत में कहा,  राजनेता कह रहे हैं कि भीड़ जुटाने से कृषि कानून वापस नहीं हो सकते। जबकि उन्हें मालूम होना चाहिए कि भीड़ तो सत्ता परिवर्तन की सामर्थ्य रखती है। यह अलग बात है कि किसानों ने अभी सिर्फ कृषि कानून वापस लेने की बात की है, सत्ता वापस लेने की नहीं।

दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर बीते साल 28 नवंबर से किसान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान हैं। टिकैत ने कहा, उन्हें (सरकार को) मालूम होना चाहिए कि अगर किसान अपनी उपज नष्ट कर सकता है तो आप उनके सामने कुछ नहीं हो।

उन्होंने कहा, कई सवाल हैं। सिर्फ कृषि कानून नहीं है, लेकिन बिजली (संशोधन) विधेयक है, बीज विधेयक है.... वे किस तरह के कानून लाना चाहते हैं? टिकैत ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों के लिए सरकार की आलोचना भी की। किसान नेता ने कहा, मौजूदा आंदोलन सिर्फ उस किसान का नहीं है, जो फसल उगाता है, बल्कि उसका भी है, जो राशन खरीदता है। उस छोटे से छोटे किसान का भी है, जो दो पशुओं से आजीविका चलाता है। उन मजदूरों का भी है ,जो साप्ताहिक बाजार से होने वाली आय से अपना गुजारा करते हैं।

उन्होंने कहा, ये कानून गरीब को तबाह कर देंगे। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, इस तरह के कई कानून आएंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार को 40 सदस्यीय समिति से ही बातचीत करनी होगी। सरकार और प्रदर्शनकारी संघों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकल सका।

दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन की अगुवाई संयुक्त किसान मोर्चा कर रहा है जिसमें किसानों के 40 संघ शामिल हैं। टिकैत ने कहा, अब किसान सभी मोर्चों पर डटेंगे। वे खेती भी करेंगे, कृषि नीतियों पर भी निगाह रखेंगे और आंदोलन भी करेंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानून की मांग करते हुए, उन्होंने कहा, जब एमएसपी पर कानून बनेगा तब किसानों का संरक्षण होगा। यह आंदोलन उसके लिए है। यह किसानों के अधिकार के लिए है।