रोहतक : अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को जसिया स्थित छोटूराम संस्थान में राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के प्रत्याशियों का विरोध करने का निर्णय लिया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि लोकसभा चुनाव के दौरान हर स्तर पर भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया जाएगा और इसके लिए बकायदा एक अभियान चलाया जाएगा, जो जाट समाज के लोगों को राय देगा।

मलिक ने कहा कि हरियाणा में भाईचारा बनाए रखते हुए जाट समाज को भाजपा की मंशा के बारे में अवगत कराया जाएगा। यशपाल मलिक ने समिति की तरफ से वितमंत्री कैप्टन अभिमन्यु से अपील की है कि वर्ष 2016 में हुए आंदोलन को भूले और केस वापसी की प्रक्रिया शुरू करवाए। उन्होंने कहा कि उतर भारत में जाट समाज का काफी प्रभाव है और भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पडेगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाट समाज को गुमराह करने के लिये जाट समाज के ही कुछ लोगों द्वारा सरकार व सरकार में बैठे मन्त्रियों के इशारे पर समाज को गुमराह करने व संघर्ष समिति के खिलाफ झूठे आरोप प्रत्यारोप इस कारण लगाये जा रहे हैं जिससे सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बदनाम कर सरकार के खिलाफ जाट समाज आवाज ना उठा सके।

उन्होंने बताया कि जो लोग संघर्ष समिति को बदनाम कर रहे हैं, उन लोगों द्वारा आज तक सरकार के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला और ना ही मन्त्री कैप्टन अभिमन्यु के खिलाफ बोला जिनकी वजह से नाम दर्ज मुकदमों में वे खुद जेलों में रहे हैं या उन पर मुकदमें दर्ज है। जगह-जगह पंचायतों का आयोजन कर समाज को झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं।

(मनमोहन कथूरिया)